KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश का मेरठ शहर अब तेज और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के साथ मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो सेवा बनने की ओर अग्रसर है। इस नई व्यवस्था से शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक का सफर पहले से कहीं अधिक तेज और सुगम हो जाएगा।
मेरठ मेट्रो मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 21 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर संचालित होगी। इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए गए हैं। सभी स्टेशनों पर रुकते हुए मेट्रो पूरी दूरी लगभग 30 मिनट में तय करेगी, जिससे दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि पहली बार भारत में शहर की मेट्रो सेवा और सेमी-हाईस्पीड नमो भारत ट्रेनें एक ही ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित होंगी। यह क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और शहरी मेट्रो सेवा का अनोखा संगम होगा, जिससे यात्रियों को एकीकृत और बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
मेरठ मेट्रो के कोच हल्के स्टेनलेस स्टील से तैयार किए गए हैं। हरा, नीला और नारंगी रंग संयोजन इन्हें अलग पहचान देगा। तीन कोच वाली इन ट्रेनों में रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे ऊर्जा की बचत होगी।
इसके अलावा ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) और ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (ATO) सिस्टम सफर को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाएंगे।
यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं
पूरी तरह वातानुकूलित इन ट्रेनों में 700 से अधिक यात्रियों के सफर की क्षमता होगी, जिनमें 173 सीटें उपलब्ध होंगी। सीटों की व्यवस्था आगे-पीछे और साइड दोनों प्रकार की कुशन सीटों के साथ की गई है।
यात्रियों को सामान रखने की रैक, मोबाइल चार्जिंग के लिए USB पोर्ट, तथा महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीटों की सुविधा मिलेगी।
सुरक्षा और पहुंच पर विशेष ध्यान
सभी स्टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रत्येक स्टेशन पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर होंगे, जिससे सुरक्षा और बढ़ेगी। लिफ्ट, व्हीलचेयर स्पेस और स्ट्रेचर के लिए विशेष स्थान जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन जल्द ही नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही मेरठ, उत्तर प्रदेश का पांचवां शहर बन जाएगा जहां मेट्रो नेटवर्क उपलब्ध होगा।
अब तक भारत में सबसे तेज मेट्रो सेवा 110 किमी/घंटा की रफ्तार से दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर संचालित होती थी, लेकिन मेरठ मेट्रो इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नई मिसाल कायम करने जा रही है।
मेरठ मेट्रो के शुरू होने से शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक व सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।