KNEWS DESK – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को दिल्ली के बांसेरा पार्क में तीसरे अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विशेष रूप से किसानों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी और खुद भी पतंग उड़ाई। शाह ने इस महोत्सव को देश के लोगों को दिल्ली से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन बताया और दिल्ली सरकार तथा दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से इसे देश और दुनिया के अग्रणी पतंग महोत्सवों में शामिल करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।
पतंग महोत्सव को और समग्र बनाने का सुझाव
अमित शाह ने आयोजन को और अधिक व्यापक बनाने के लिए एक समिति के गठन का सुझाव दिया। उन्होंने भारत की त्योहार संस्कृति की समृद्धि का जिक्र करते हुए कवि कालिदास का हवाला दिया और कहा, “उत्सव-प्रिय जनाः”, जिसका अर्थ है कि भारतवासी त्योहारों के बहुत शौकीन हैं। उन्होंने बताया कि पूरे साल देशभर में लोग त्योहार मनाते हैं, जो समाज को जोड़ते हैं और सामूहिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हैं। उत्तरायण इस परंपरा का एक अभिन्न अंग है।
अमित शाह ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पतंगों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी याद किया। उन्होंने कहा कि साइमन कमीशन के विरोध में देशभर में ‘साइमन गो बैक’ के संदेश वाली पतंगों का इस्तेमाल हुआ, जिससे अंग्रेजों को जनप्रतिरोध की ताकत का अहसास हुआ। शाह ने इसे उत्तरायण के दौरान हुए सबसे शक्तिशाली विरोध में से एक बताया।
मकर संक्रांति और सोमनाथ मंदिर
गृह मंत्री ने मकर संक्रांति के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व लोहड़ी, बिहू, पोंगल और खिचड़ी के रूप में भी मनाया जाता है और यह मूल रूप से किसानों और सूर्य देवता की जीवनदायिनी शक्ति का प्रतीक है।
इसके अलावा, शाह ने हाल ही में संपन्न हुए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का जिक्र किया और कहा कि गुजरात का सोमनाथ मंदिर, जिसे 1000 वर्षों में 16 बार लूटा गया, आज भी भव्य रूप में खड़ा है। यह मंदिर सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की शाश्वतता का प्रतीक है और दर्शाता है कि निर्माण करने वालों की शक्ति विध्वंस करने वालों से कहीं अधिक होती है।