KNEWS DESK- मध्य-पूर्व में जारी तनाव और सैन्य हमलों के बीच Iran में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। शनिवार (7 मार्च) सुबह आए इस भूकंप ने लोगों में दहशत पैदा कर दी। युद्ध जैसे हालातों के बीच बार-बार आ रहे झटकों को लेकर कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं, जिनमें परमाणु परीक्षण से जुड़ी अटकलें भी शामिल हैं।
अमेरिकी एजेंसी United States Geological Survey (USGS) के मुताबिक भूकंप के झटके Bandar Abbas के पास सुबह करीब 8:48 बजे महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र बंदर अब्बास से करीब 74 किलोमीटर पश्चिम में और जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था।
झटके इतने तेज थे कि लोग घबराकर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस भूकंप से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
इससे पहले 3 मार्च को भी ईरान के दक्षिणी इलाके में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय Gerash के आसपास 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई भी करीब 10 किलोमीटर बताई गई थी। लगातार कम समय में दो भूकंप आने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
मौजूदा हालातों में कुछ लोग इन झटकों को गुप्त परमाणु परीक्षण से भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जो यह साबित करे कि भूकंप का संबंध परमाणु गतिविधियों से है। आमतौर पर इस क्षेत्र में छोटे-मोटे भूकंप आना भूगर्भीय गतिविधियों का हिस्सा भी माना जाता है।
दरअसल, United States और Israel द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग को अब एक सप्ताह से ज्यादा समय हो चुका है और हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
युद्ध और प्राकृतिक झटकों के एक साथ सामने आने से लोगों में असमंजस और डर का माहौल है, जबकि विशेषज्ञ फिलहाल इसे प्राकृतिक भूकंपीय गतिविधि ही मान रहे हैं।