डिजिटल डेस्क- समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव उर्फ बबलू को एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में बड़ी राहत मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश, एससी/एसटी एक्ट की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें विस्तार से सुनी गईं, जिसके बाद यह आदेश पारित किया गया। मनोज यादव के अधिवक्ता संतशरण यादव (संजय बाबा) ने बताया कि अदालत ने जमानत याचिका पर विचार करते हुए इसे मंजूर कर लिया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने पहले पुलिस को जमानत याचिका पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, ताकि जांच की स्थिति स्पष्ट हो सके।
जांच प्रक्रिया अभी भी जारी
शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान क्षेत्राधिकारी सौरभ श्रीवास्तव अदालत में मौजूद रहे। उन्होंने न्यायालय को बताया कि मामले में कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्यों का संकलन अभी शेष है और जांच प्रक्रिया जारी है। क्षेत्राधिकारी ने आरोपी की रिमांड एक सप्ताह के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया, साथ ही विस्तृत प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय भी मांगा। हालांकि, अदालत ने पुलिस के अनुरोध को आंशिक रूप से ही स्वीकार किया। न्यायालय ने पाया कि अब तक पूर्ण प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। इस आधार पर कोर्ट ने आरोपी की केवल तीन दिन की रिमांड मंजूर की, न कि एक सप्ताह की, जैसा कि पुलिस ने आग्रह किया था।
समर्थकों में खुशी की लहर
अदालत के इस फैसले को बचाव पक्ष ने राहत के रूप में देखा है, जबकि पुलिस जांच को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। कानूनी जानकारों का मानना है कि आगामी तीन दिनों में पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन और जांच की प्रगति अहम होगी। फिलहाल, मनोज यादव को जमानत मिल जाने के बाद उनके समर्थकों में संतोष का माहौल है। वहीं, मामले की अगली सुनवाई और जांच की दिशा पर सबकी नजर बनी हुई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया में सहयोग आवश्यक है और पुलिस को निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।