‘सोमनाथ का इतिहास विनाश नहीं, विजय और पुनर्निर्माण का है’, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर बोले पीएम मोदी

KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और शौर्य यात्रा के बाद सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होकर श्रद्धालुओं को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास विनाश और पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निर्माण का है।

पीएम मोदी ने कहा कि हजार साल पहले आक्रांताओं ने सोमनाथ को नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन आज मंदिर पर फहरा रही ध्वजा यह साबित करती है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है। उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वजों ने महादेव की आस्था पर सबकुछ न्यौछावर कर दिया।

प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा, “आज देश के कोने-कोने से लाखों लोग हमारे साथ जुड़े हैं, उन सबको मेरी तरफ से जय सोमनाथ। यह समय अद्भुत है, यह वातावरण अद्भुत है, यह उत्सव अद्भुत है। एक ओर देवाधिदेव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज और आस्था का यह उफान इस अवसर को भव्य और दिव्य बना रहा है।”

पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल हजार साल पहले हुए विध्वंस की याद नहीं है, बल्कि यह हमारे भारत के अस्तित्व और अभिमान का पर्व है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सोमनाथ को नष्ट करने के अनेक प्रयास हुए, लेकिन न सोमनाथ नष्ट हुआ और न ही भारत।

उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष सोमनाथ मंदिर की स्वाभिमान यात्रा के 1,000 साल पूरे हो रहे हैं, साथ ही 1951 में हुए मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने दुनियाभर के करोड़ों श्रद्धालुओं को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुभकामनाएं दीं।

पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ को नष्ट करने आए मजहबी आक्रांताओं का इतिहास आज केवल किताबों में सिमट गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर में विराजमान महादेव, जिन्हें मृत्युंजय भी कहा जाता है, ने स्वयं मृत्यु को भी मात दी है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का इतिहास नहीं है। यह इतिहास विजय, पुनर्निर्माण और भारत के अभिमान का इतिहास है।”

इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने पीएम मोदी के भाषण को भावपूर्ण श्रद्धा और गर्व के साथ सुना, जिससे सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व फिर से उजागर हुआ।

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