KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर सोमनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर देशवासियों को आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संदेश दिया। इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री ने मंदिर में जलाभिषेक और विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने 72 घंटे तक चलने वाले मंत्र जाप में भी भाग लिया, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना रहा।
प्रधानमंत्री की उपस्थिति में मंदिर न्यास की ओर से एक भव्य ड्रोन और ऑडियो-विजुअल शो का आयोजन किया गया। अत्याधुनिक तकनीक और रोशनी के माध्यम से भारत के अध्यात्मिक इतिहास के महत्वपूर्ण प्रसंगों का प्रभावशाली चित्रण किया गया। ड्रोन के अद्भुत समन्वय से आसमान में “अखंड सोमनाथ, अखंड भारत” लिखा गया, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए 1299 ईस्वी में जफर खान के आक्रमण के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए वीर हमीरजी गोहिल की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की रक्षा में बलिदान देने वाले वीरों को याद करते हुए उनके साहस और त्याग को प्रेरणास्रोत बताया।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित शौर्य यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर भी पुष्पहार अर्पित किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भारत के स्वाभिमान और आत्मगौरव का प्रतीक है।
शौर्य सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज देश के कोने-कोने से लाखों लोग हमारे साथ जुड़े हैं, उन सभी को मेरी ओर से जय सोमनाथ। यह समय अद्भुत है, वातावरण अद्भुत है और यह उत्सव भी अद्भुत है। एक ओर देवाधिदेव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज और आस्था का यह उफान—इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के भक्तों की उपस्थिति इस अवसर को और भी भव्य बना रही है।”