KNEWS DESK- हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना गया है। यह व्रत भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। जनवरी 2026 का आखिरी प्रदोष व्रत 30 जनवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा। शुक्रवार को पड़ने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है और आर्थिक तंगी दूर होती है।
शुक्र प्रदोष व्रत 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का विवरण इस प्रकार है—
- त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 30 जनवरी 2026, सुबह 11:09 बजे
- त्रयोदशी तिथि समाप्त: 31 जनवरी 2026, सुबह 08:25 बजे
- व्रत की तिथि: 30 जनवरी 2026, शुक्रवार
प्रदोष काल में शिव पूजा का विशेष महत्व होता है, इसलिए व्रत 30 जनवरी को ही रखा जाएगा।
शिव पूजा का सर्वश्रेष्ठ समय
भगवान शिव की आराधना के लिए शाम 05:59 बजे से रात 08:37 बजे तक का समय सबसे शुभ माना गया है। इस दौरान करीब ढाई घंटे तक महादेव की पूजा का उत्तम अवसर मिलेगा।
शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सप्ताह के अलग-अलग दिनों में पड़ने वाले प्रदोष व्रत का फल भी अलग होता है। शुक्र प्रदोष व्रत विशेष रूप से सौभाग्य, वैवाहिक सुख और धन-संपदा प्रदान करने वाला माना जाता है। कहा जाता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं और इस समय की गई पूजा से वे शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों के कष्ट दूर करते हैं।
प्रदोष व्रत की सरल पूजा विधि
यदि आप आर्थिक परेशानियों से मुक्ति या जीवन में सुख-शांति चाहते हैं, तो इस विधि से पूजा करें—
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ (संभव हो तो सफेद) वस्त्र धारण करें।
- हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
- प्रदोष काल में पुनः स्नान करें या हाथ-पैर धोकर शुद्ध हो जाएं।
- शिव मंदिर जाएं या घर पर शिवलिंग का अभिषेक गंगाजल, दूध, दही, घी और शहद से करें।
- भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल और मिठाई अर्पित करें।
विशेष उपाय और मंत्र जाप
पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का निरंतर जाप करें। शुक्र प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें और अंत में शिव जी की आरती करें।
इस दिन शिवलिंग पर सफेद चंदन का लेप लगाएं और खीर का भोग अर्पित करें। मान्यता है कि इससे शुक्र ग्रह मजबूत होता है और घर में सुख-सुविधाओं की वृद्धि होती है।
शुक्र प्रदोष व्रत श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।