KNEWS DESK- बांग्लादेश के हालिया आम चुनावों में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) ने अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina के प्रत्यर्पण की मांग फिर दोहराई है। पार्टी का कहना है कि उन्हें भारत से वापस लाकर कानून के तहत मुकदमे का सामना कराया जाना चाहिए।
बीएनपी के वरिष्ठ नेता Salahuddin Ahmed ने कहा कि विदेश मंत्री पहले ही हसीना के प्रत्यर्पण के समर्थन में तर्क दे चुके हैं और उनकी पार्टी भी इसी रुख पर कायम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएनपी हमेशा से कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रत्यर्पण की पक्षधर रही है। यह मामला दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच का है, लेकिन पार्टी ने India सरकार से औपचारिक रूप से अनुरोध किया है कि हसीना को बांग्लादेश भेजा जाए ताकि वे वहां न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर सकें।
अहमद ने यह भी कहा कि Bangladesh अपने सभी पड़ोसी देशों, विशेषकर भारत, के साथ सामान्य और मैत्रीपूर्ण संबंध चाहता है, लेकिन यह संबंध समानता और परस्पर सम्मान के आधार पर होने चाहिए। उनकी यह टिप्पणी गुरुवार को हुए आम चुनावों में बीएनपी की निर्णायक जीत के तुरंत बाद आई। अगस्त 2024 में हुए जनविद्रोह के बाद यह पहला आम चुनाव था। इसी विद्रोह के चलते शेख हसीना को देश छोड़कर भारत जाना पड़ा था।
सत्ता से हटाए जाने के बाद से नई दिल्ली में रह रहीं हसीना को नवंबर 2025 में बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। यह सजा विद्रोह के दमन के दौरान कथित मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में दी गई।
चुनाव की समावेशिता को लेकर उठ रही आलोचनाओं को भी बीएनपी ने खारिज किया है। दरअसल, हिंसा की जांच के चलते Awami League को चुनाव में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। यह निर्णय Mohammad Yunus के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने लिया था, जिसने 2025 में जांच लंबित रहने के दौरान पार्टी की गतिविधियों पर रोक लगा दी थी।