मालदा के कालियाचक में बवाल, 7 न्यायिक अधिकारियों को भीड़ ने बनाया बंधक

डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक इलाके में उस समय हालात बिगड़ गए जब सैकड़ों की संख्या में जुटी भीड़ ने विरोध प्रदर्शन के दौरान 7 न्यायिक अधिकारियों को घेरकर बंधक बना लिया। इस घटना ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर शुरू हुआ। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा था, जो धीरे-धीरे उग्र विरोध प्रदर्शन में बदल गया। देखते ही देखते भीड़ ने कालियाचक क्षेत्र में न्यायिक अधिकारियों को घेर लिया और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग भी जाम कर दिया गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सीजेआई ने लिया स्वतः संज्ञान

घटना की गंभीरता को देखते हुए देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने स्वतः संज्ञान लिया और कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात ऐसे बनते जा रहे हैं जहां अधिकारी खुलकर काम नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनाव आयोग सभी न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए। इस मामले में चुनाव आयोग ने भी तत्परता दिखाते हुए राज्य के डीजीपी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने साफ किया है कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाएगा।

भाजपा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पश्चिम बंगाल की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और “सत्ता की जगह डर का राज” कायम हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि एक सार्वजनिक संस्था को भीड़ ने घेराबंदी का मैदान बना दिया, जिससे लोकतंत्र की जड़ें कमजोर हो रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *