KNEWS DESK- सोमवार को हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए, जिनमें एनडीए ने 9 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि हरियाणा की एक सीट पर कांग्रेस को मामूली अंतर से सफलता मिली।
बिहार की 5 सीटों पर सभी विजयी उम्मीदवार एनडीए के रहे। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम शामिल हैं।
ओडिशा की 4 सीटों में से 3 NDA और 1 BJD ने जीती। एनडीए के विजेता में बीजेपी अध्यक्ष मनमोहन सामल, BJD से बीजेपी में आए सुजीत कुमार, और पार्टी समर्थित पुराने नेता दिलीप रे शामिल हैं।
हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों पर मतदान देर रात तक चले। काउंटिंग लगभग 5:30 घंटे की देरी से शुरू हुई और रात 2 बजे नतीजे घोषित किए गए। बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार मामूली अंतर से हार गए। बीजेपी की संजय भाटिया की जीत पहले से तय थी, जबकि कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को सिर्फ 0.33 वोट वैल्यू के अंतर से हराया। कुल वैध वोट 83 रहे, जिनकी कुल वोट वैल्यू 8300 थी। चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को 27.66 कोटा वोट की आवश्यकता थी।
संजय भाटिया- 2766.66 वोट वैल्यू
कर्मवीर बौद्ध- 2800 वोट वैल्यू
सतीश नांदल- 2733.33 वोट वैल्यू
निर्दलीय उम्मीदवार की जीत के लिए सेकंड प्रेफरेंस के वोट की गिनती की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि पहले ही कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवार आवश्यक वोट वैल्यू हासिल कर चुके थे।
हरियाणा में कांग्रेस की यह जीत पिछले चुनावों में हुई हार का कलंक धोने जैसा माना जा रहा है। विपक्ष नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जिन्होंने पार्टी को धोखा दिया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनका इशारा उन पांच विधायकों की ओर था, जिन्होंने क्रॉस वोटिंग कर बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया।
बीजेपी ने हरियाणा में एक सीट जीतने के बावजूद निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हासिल करने में चूक की। पार्टी का कहना है कि इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने कांग्रेस की मदद की, जिससे निर्दलीय उम्मीदवार की जीत संभव नहीं हो सकी।