डिजिटल डेस्क- मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव को लेकर भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मौजूदा हालात पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तेजी से बढ़ते तनाव बेहद चिंताजनक हैं और इसका असर व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में रह रहे हर भारतीय नागरिक की सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह क्षेत्र में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल और सक्रिय कदम उठाए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब संघर्ष की तीव्रता बढ़ती जा रही है और कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
ईरान के स्कूल पर हमले में मृतकों की संख्या बढ़ी
इस बीच दक्षिणी ईरान से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। होर्मोजगान प्रांत के मीनाब शहर में एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले में मारे गए छात्रों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। पहले स्थानीय अधिकारियों ने पांच लोगों की मौत की पुष्टि की थी, लेकिन अब ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मृतकों का आंकड़ा बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि हमले के समय स्कूल परिसर में छात्र और स्टाफ मौजूद थे। विस्फोट के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। बचाव दलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। कई घायल छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है। ईरानी अधिकारियों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। हालांकि, इजरायल की ओर से इस विशेष घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी
मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द काबू में नहीं आए तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है। तेल आपूर्ति, वैश्विक बाजार और मानवीय स्थिति पर भी इसका गंभीर असर पड़ सकता है। भारत सरकार पहले ही क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर चुकी है और दूतावासों के माध्यम से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। राहुल गांधी सहित कई राजनीतिक नेताओं ने सरकार से सक्रिय कूटनीतिक पहल और नागरिकों की सुरक्षित वापसी की तैयारी रखने का आग्रह किया है।