KNEWS DESK- पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई करीब तीन दशक पुराने एक मामले में जमानत की शर्तों के उल्लंघन के बाद कोर्ट द्वारा जारी वारंट के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के दौरान पटना में भारी हंगामा देखने को मिला और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव शुक्रवार रात करीब 11 बजे लोकसभा सत्र समाप्त होने के बाद दिल्ली से पटना पहुंचे ही थे कि उसी समय पटना पुलिस की टीम उनके आवास पर पहुंच गई। सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिस अधिकारियों के साथ पांच थानों की फोर्स तैनात थी। एसपी सिटी भानु प्रताप सिंह और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने घंटों की मशक्कत के बाद सांसद को हिरासत में लिया।
गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव के समर्थक उग्र हो गए। कई समर्थक पुलिस की गाड़ियों पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। इस बीच पप्पू यादव ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जान से मारने की नीयत से यह सब किया गया है। उन्होंने चिल्लाकर कहा, “ये लोग मुझे मारने आए हैं।”
पप्पू यादव का दावा है कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तारी का वारंट नहीं दिखाया, बल्कि सिर्फ संपत्ति कुर्की से संबंधित कागजात दिखाए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि आधी रात को भारी पुलिस बल के साथ इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।
वहीं, पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई 31–35 साल पुराने एक मामले में अदालत के आदेश पर की गई है और इसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सांसद के खिलाफ वैध वारंट था और उसी के तहत कानून के अनुसार गिरफ्तारी की गई।
फिलहाल पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि प्रशासन इसे पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।