KNEWS DESK – कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपने बेटे रेहान वाड्रा और उनकी मंगेतर अवीवा वाड्रा के साथ जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध माता खीर भवानी मंदिर के दर्शन की योजना बना रही हैं। इस पारिवारिक यात्रा को कश्मीरी जड़ों से जुड़ने और जीवन की नई शुरुआत के लिए देवी से आशीर्वाद लेने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, पहले यह दौरा मंगलवार को होना था, लेकिन फिलहाल इसे टाल दिया गया है।
गांधी परिवार की आस्था का केंद्र है खीर भवानी
माता खीर भवानी मंदिर कश्मीरी पंडितों की कुलदेवी और आराध्य देवी मानी जाती हैं। गांधी-नेहरू परिवार की कश्मीरी जड़ों के चलते इस मंदिर से उनकी गहरी आस्था जुड़ी रही है। प्रियंका गांधी कई मौकों पर इस मंदिर से अपने पारिवारिक भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र कर चुकी हैं।
रेहान वाड्रा ने की सगाई
इस बीच प्रियंका गांधी के बेटे और राहुल गांधी के भांजे रेहान वाड्रा ने अपनी बचपन की दोस्त और लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड अवीवा बेग से सगाई कर ली है। रेहान ने खुद सोशल मीडिया पर अवीवा के साथ फोटो शेयर कर सगाई की पुष्टि की, जिसमें हार्ट और रिंग इमोजी के जरिए उन्होंने अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया। इसके बाद उन्हें बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।
रेहान और अवीवा बचपन के दोस्त हैं। अवीवा की मां नंदिता बेग, प्रियंका गांधी की करीबी दोस्त हैं। दोनों की बचपन की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं।
रामायण काल से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
गांदरबल जिले के तुलमुल्ला गांव में स्थित माता खीर भवानी मंदिर सिर्फ एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि कश्मीरी पंडितों की संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। यह मंदिर देवी दुर्गा के अवतार माता रागन्या को समर्पित है। यहां चढ़ाए जाने वाले विशेष ‘खीर’ प्रसाद के कारण ही इसका नाम खीर भवानी पड़ा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का संबंध रामायण काल से है और देवी की शिला को हनुमान जी द्वारा कश्मीर लाया गया था।
चुनावी रैली में प्रियंका ने सुनाया था भावुक किस्सा
2024 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के दौरान प्रियंका गांधी ने एक रैली में माता खीर भवानी से जुड़ा भावुक किस्सा साझा किया था। उन्होंने बताया था कि उनकी दादी इंदिरा गांधी ने अपनी हत्या से कुछ दिन पहले कश्मीर जाने की इच्छा जताई थी और उसी दौरान प्रियंका पहली बार खीर भवानी मंदिर के दर्शन के लिए गई थीं। प्रियंका ने कहा था कि जब भी वह श्रीनगर जाती हैं, माता खीर भवानी के दर्शन जरूर करती हैं और अपनी दादी को याद करती हैं।