KNEWS DESK- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने इस अवसर को अपने जीवन का “कृतार्थ करने वाला पल” बताते हुए कहा कि अयोध्या आना उनके लिए गर्व की बात है।
राष्ट्रपति ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने 500 वर्षों के लंबे संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश को यह गौरवपूर्ण क्षण प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा और ध्वजारोहण हमारे इतिहास की स्वर्णिम तिथियां हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।
इस दौरान राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर में श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना भी की। उन्होंने इसे प्रभु श्रीराम की कृपा का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह अवसर उनके लिए अत्यंत सौभाग्यपूर्ण है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “प्रभु श्रीराम को नमन करना और भारत मां का वंदन करना एक समान है।” साथ ही उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे भारत के सम्मान और वैभव को शिखर पर पहुंचाने का संकल्प लें।
राष्ट्रपति मुर्मू ने सामाजिक एकता और आध्यात्मिक भाव को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने “घट-घटवासी राम, मुझमें राम, तुझमें राम, सबमें राम समाएं” का संदेश देते हुए समाज में सद्भाव और एकजुटता बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। वैदिक मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति का काफिला आद्य शंकराचार्य द्वार से एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ। इस दौरान रास्ते में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसका उन्होंने हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया।