शिव शंकर सविता- प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन आगजनी की घटनाओं ने प्रशासन और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को माघ मेला के सेक्टर-4 स्थित संगम लोअर क्षेत्र में ब्रह्माश्रम शिविर में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई देने लगा, जिससे मेला क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस अग्निकांड में शिविर के दो टेंट जलकर राख हो गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार शाम अचानक शिविर के एक हिस्से से आग की लपटें उठती दिखीं। देखते ही देखते आग ने दो टेंटों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही शिविर में मौजूद श्रद्धालुओं और साधु-संतों में हड़कंप मच गया। लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को फोन कर घटना की जानकारी दी। समय रहते लोग टेंटों से बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
दमकल की आठ गाड़ियों की मदद से पाया गया आग में काबू
फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचते ही आग बुझाने का काम शुरू किया। आठ दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया, ताकि वह आसपास के अन्य टेंटों तक न फैल सके। फायर अधिकारियों के मुताबिक, अगर कुछ और देर हो जाती तो नुकसान कहीं ज्यादा हो सकता था। टीम की तत्परता के चलते बाकी शिविर और टेंट सुरक्षित बचा लिए गए। इससे पहले मंगलवार को भी माघ मेला क्षेत्र में आग की एक बड़ी घटना सामने आई थी। सेक्टर-5 स्थित नारायण शुक्ला धाम शिविर में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 15 टेंट जलकर पूरी तरह राख हो गए थे। उस समय भी गनीमत रही कि टेंट में मौजूद श्रद्धालु समय रहते बाहर निकल आए थे और कोई जनहानि नहीं हुई थी। लगातार दो दिनों में आगजनी की घटनाओं ने मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आग लगने के कारणों का नहीं चल सका पता
फिलहाल ब्रह्माश्रम शिविर में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीम मौके पर जांच-पड़ताल में जुटी हुई है। शुरुआती आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट या किसी ज्वलनशील सामग्री के कारण लगी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। लगातार हो रही आग की घटनाओं से श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि मेला क्षेत्र में फायर सेफ्टी को लेकर और सख्ती बरती जानी चाहिए। श्रद्धालुओं ने मांग की है कि फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार गश्त करें और लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक करें। साथ ही टेंटों में इस्तेमाल होने वाले बिजली के उपकरणों और ज्वलनशील सामान की नियमित जांच की जाए।