डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों पोस्टर वॉर और सोशल मीडिया मीम्स ने माहौल गरमा दिया है। मामला अब इतना बढ़ गया है कि यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ के बीच चल रही सियासी खींचतान अब सड़कों और सोशल मीडिया दोनों पर खुलकर नजर आ रही है। दरअसल, विवाद की शुरुआत उन पोस्टरों से हुई, जो राजधानी लखनऊ समेत गोंडा, जौनपुर, कानपुर और वाराणसी में लगाए गए। इन पोस्टरों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को “ल्यारी राज” के रूप में दिखाया गया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को “धुरंधर सीएम” बताया गया। पोस्टरों में अखिलेश सरकार के दौरान हुई आपराधिक घटनाओं और दंगों से जुड़ी खबरों की क्लिपिंग्स को भी प्रमुखता से दिखाया गया था। यह पोस्टर “यूथ अगेंस्ट माफिया” नामक समूह की ओर से लगाए गए बताए जा रहे हैं।
सीएम को बताया धुंआ-धर
इन पोस्टरों के सामने आते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भड़क उठे और उन्होंने कई जगहों पर पोस्टर फाड़ दिए। इसके जवाब में सपा की ओर से भी पलटवार करते हुए नए पोस्टर लगाए गए, जिनमें मुख्यमंत्री को “धुंआ-धर” बताया गया। इन पोस्टरों में 2017 के बाद की आपराधिक घटनाओं को हाइलाइट किया गया, जिससे सियासी माहौल और ज्यादा गर्म हो गया। इस बीच, अखिलेश यादव के बयान ने इस विवाद को और हवा दे दी। उन्होंने कहा कि जो लोग पोस्टर लगा रहे थे, उन्हें खुद नहीं पता था कि “धुंआ-धर” कौन है, लेकिन अब पूरे प्रदेश को पता चल गया है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नौ साल में प्रदेश को पीछे धकेल दिया गया है और अब घबराहट साफ दिखाई दे रही है।
पोस्टर वॉर बना सियासी जंग का मैदान
पोस्टर वॉर के बीच सोशल मीडिया भी इस सियासी जंग का मैदान बन गया। सपा नेता आईपी सिंह ने एक AI आधारित वीडियो मीम शेयर किया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक फिल्मी थीम म्यूजिक पर डांस करते हुए दिखाया गया। इस वीडियो के वायरल होते ही विवाद और गहरा गया। इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद आईपी सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शहर में लगे विवादित पोस्टरों को भी रातों-रात हटवा दिया। इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल गया कि प्रशासन इस मुद्दे को लेकर गंभीर है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का बयान आया सामने
वहीं, इस पूरे विवाद पर ब्रजेश पाठक का भी बयान सामने आया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में गुंडों और माफियाओं को संरक्षण मिलता था। उन्होंने कहा कि अगर कोई फिल्मकार या साहित्यकार समाज की सच्चाई को सामने लाता है, तो उसकी सराहना होनी चाहिए। ब्रजेश पाठक ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि सपा पर उन्होंने गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।