KNEWS DESK- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद राज्य की राजनीति में तेज़ हलचल मच गई है। उनके जाने से पैदा हुए सियासी शून्य को भरने के लिए एनसीपी के भीतर मंथन तेज़ हो गया है। इसी कड़ी में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम बनाए जाने की अटकलें सामने आ रही हैं।
अजित पवार के निधन के बाद प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और सुनील तटकरे ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें डिप्टी सीएम बनाए जाने का औपचारिक प्रस्ताव दिया जा सकता है। यह भी चर्चा है कि सुनेत्रा पवार अपने दिवंगत पति की सीट से चुनाव लड़ सकती हैं।
एनसीपी अध्यक्ष पद पर प्रफुल्ल पटेल का नाम
पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर सकते हैं। इसी बैठक में एनसीपी (एसपी) के विलय को लेकर भी बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है।
‘वाहिनी’ को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग
एनसीपी के भविष्य को लेकर उठे सवालों पर पार्टी नेता नरहरि जिरवाल ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक “वाहिनी” को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की इच्छा जता रहे हैं। अजित पवार की एनसीपी, बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ मिलकर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का अहम हिस्सा है।
गौरतलब है कि सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। पार्टी और गठबंधन के भीतर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर सहमति बनाने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं।
कैसे हुआ था विमान हादसा
बुधवार को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान बारामती में लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया था। इस हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। विमान में एक सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर सवार थे।
अजित पवार 5 फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए रैलियों को संबोधित करने जा रहे थे और सुबह मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे। लैंडिंग के वक्त विमान का संतुलन बिगड़ा, वह लड़खड़ाया और देखते ही देखते हादसे का शिकार हो गया। चश्मदीदों के मुताबिक, क्रैश के बाद कई धमाके हुए और विमान आग का गोला बन गया, जिससे उसमें सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
अजित पवार के निधन के बाद अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि एनसीपी और महाराष्ट्र की राजनीति में अगला बड़ा फैसला क्या होगा।