PM CARES Fund में 1 साल में 1,279 करोड़ की बढ़ोतरी, ऑडिट रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

KNEWS DESK- मार्च 2025 तक PM CARES फंड की कुल राशि बढ़कर 8,452.07 करोड़ रुपये हो गई है। ताजा ऑडिटेड अकाउंट्स में फंड की आय, खर्च और निवेश से जुड़ी जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल राशि का करीब 92.8 प्रतिशत यानी 7,846.66 करोड़ रुपये शेड्यूल्ड बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखा गया था। वित्तीय वर्ष 2024-25 की शुरुआत PM CARES फंड में 7,173.03 करोड़ रुपये के बैलेंस के साथ हुई थी। साल के दौरान घरेलू और विदेशी डोनेशन, ब्याज से हुई कमाई और विभिन्न रिफंड के जरिए फंड को कुल 1,279.91 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वहीं, पूरे वित्तीय वर्ष में फंड से सिर्फ 87.85 लाख रुपये का खर्च हुआ। इसके चलते मार्च 2025 के अंत तक फंड का क्लोजिंग बैलेंस बढ़कर 8,452.07 करोड़ रुपये हो गया।

फंड की आय में बैंक जमा पर मिलने वाला ब्याज महत्वपूर्ण रहा। 2024-25 में फिक्स्ड डिपॉजिट से PM CARES फंड को 469.38 करोड़ रुपये का ब्याज मिला। इसके अलावा सेविंग्स बैंक अकाउंट्स से 5.77 करोड़ रुपये की ब्याज आय हुई। इस तरह बैंक जमा से प्राप्त ब्याज ने फंड की कुल राशि बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। ऑडिटेड आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 के दौरान फंड को घरेलू स्रोतों से 479.04 करोड़ रुपये का डोनेशन मिला। विदेशी स्रोतों से 92.83 लाख रुपये प्राप्त हुए। इसके अलावा फंड को लागू करने वाली एजेंसियों से रिफंड के रूप में 324.66 करोड़ रुपये मिले। फिक्स्ड डिपॉजिट पर अर्जित ब्याज पर काटे गए टीडीएस के रिफंड के तौर पर भी 13.49 लाख रुपये प्राप्त हुए।

PM CARES फंड की स्थापना कोविड-19 महामारी के दौरान 27 मार्च 2020 को एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में राहत और सहायता से जुड़े कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध कराना था। 28 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से इस फंड में योगदान करने की अपील की थी। मार्च 2025 तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, फंड की कुल राशि में पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है। आय के प्रमुख स्रोतों में फिक्स्ड डिपॉजिट से मिलने वाला ब्याज, घरेलू दान और विभिन्न रिफंड शामिल रहे। वहीं, साल के दौरान खर्च काफी कम रहा। ऑडिटेड अकाउंट्स में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, फंड की अधिकांश राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी गई है और उससे मिलने वाला ब्याज इसकी आय का एक प्रमुख हिस्सा बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *