डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। चुनाव आयोग की प्रारूप मतदाता सूची में करीब 2 करोड़ 89 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने के दावे को लेकर विपक्ष ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी आमने-सामने आ गई हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया है। गुरुवार को अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लंबा बयान जारी करते हुए भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ‘पीडीए समाज’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के मतदाताओं से अपील की कि वोट कटौती की किसी भी साजिश को सफल न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज के करोड़ों वोट जानबूझकर काटे जा रहे हैं, ताकि एक वर्ग विशेष को चुनावी प्रक्रिया से बाहर किया जा सके।
तमाम प्रयासों के बाद भी कटे हैं वोट- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने अपने बयान में लिखा कि ‘पीडीए प्रहरी’ के तमाम प्रयासों के बावजूद बड़ी संख्या में वोट कटे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से हर बूथ पर गहन जांच-पड़ताल करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि “एक भी वोट न कटने पाए, एक भी वोट न घटने पाए।” सपा अध्यक्ष ने इसे लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि अगर मतदाता सूची से नाम हटता है तो भविष्य में सरकार इसका दुरुपयोग कर सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि वोटर लिस्ट में नाम न होने के आधार पर राशन कार्ड, सरकारी योजनाएं, जाति प्रमाणपत्र, आरक्षण, नौकरी, बैंक खाते, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली-पानी कनेक्शन, जमीन और मकान तक छीने जा सकते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाता सूची में नाम होना ही नागरिक होने की सबसे बड़ी पहचान है और वोटर आईडी को नागरिक पहचान पत्र की तरह देखा जाना चाहिए।
भाजपा पर लगाया वर्चस्ववादी मानसिकता का आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर “वर्चस्ववादी मानसिकता” का आरोप लगाते हुए कहा कि वह किसी भी तरह से सत्ता में बने रहना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का मकसद चुनाव जीतकर जल, जंगल और जमीन पर कब्जा करना है। इसी कारण मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, ताकि चुनाव निर्विरोध या कमजोर विपक्ष के साथ लड़े जा सकें। सपा अध्यक्ष ने जनता से भाजपा सरकार को हटाने की अपील करते हुए कहा कि वोट बनवाना और वोट बचाना ही नागरिकता और संविधान की रक्षा का रास्ता है। उन्होंने कहा कि अगर पीडीए समाज से वोट देने का अधिकार छिन गया, तो उत्पीड़न और बढ़ जाएगा। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान और आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करना चाहती है।