डिजिटल डेस्क- पटना में उस समय अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया जब बिहार विधानसभा को उड़ाने की धमकी वाला एक ईमेल सामने आया। इस ईमेल में दावा किया गया कि दोपहर 2:15 बजे साइनाइड गैस और 13 आरडीएक्स IED के जरिए बड़े धमाके को अंजाम दिया जाएगा। जैसे ही यह मेल सामने आया, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और पूरे परिसर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। धमकी भरे ईमेल में यह भी कहा गया कि हमले से पहले सभी विधायकों और आम जनता को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए। इस सूचना के बाद विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से और सख्त कर दिया गया। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की गहन जांच शुरू कर दी गई है और सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है।
बम निरोधक दस्ते ने की चप्पे-चप्पे की छानबीन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad) और डॉग स्क्वॉड की टीमों को तुरंत मौके पर तैनात किया गया। पूरे विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर मौजूद है और हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। इसी बीच शुक्रवार को ही पटना के सिविल कोर्ट को भी उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। पटना सिविल कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बम स्क्वॉड व डॉग स्क्वॉड लगातार जांच में जुटे हैं। कोर्ट परिसर के भीतर और बाहर पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है ताकि किसी भी संभावित खतरे को तुरंत रोका जा सके।
सिविल कोर्ट में भी मिली धमकी
इसके अलावा सिवान सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी मिलने से प्रशासन और अधिक सतर्क हो गया है। वहां भी सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू कर दी है। धमकी की वजह से कुछ समय के लिए कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति भी बन गई, हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ दिनों पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया था, जो देश के कई संवेदनशील संस्थानों को ईमेल के जरिए धमकी भेजता था। उसके पास से लैपटॉप और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे। शुरुआती जांच में सामने आया था कि वह सिविल कोर्ट और अन्य सरकारी संस्थानों को निशाना बनाकर धमकी भरे संदेश भेजता था। अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस नए धमकी भरे ईमेल का संबंध उसी व्यक्ति या किसी नेटवर्क से है।