KNEWS DESK- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नागपुर में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व को लेकर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत और महाराष्ट्र में लगभग हर समाज का अपना राजनीतिक नेतृत्व है, लेकिन अगर किसी समुदाय की प्रभावी राजनीतिक एजेंसी नहीं है, तो वह मुसलमानों की है।
ओवैसी ने कहा, “हम सिर्फ वोटर बनकर रह गए हैं। अगर आप सिर्फ वोटर बनकर रहेंगे, तो आपके घर पर बुलडोजर चलेगा। अगर आप सिर्फ वोटर रहेंगे, तो नौजवानों को झूठे इलजाम में जेल भेज दिया जाएगा। अगर आप सिर्फ वोटर बनकर रहेंगे, तो मुसलमानों के बच्चे बेहतर शिक्षा से वंचित रह जाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि केवल वोट बैंक बनकर रहने से न तो इंसाफ मिलेगा और न ही समाज में इज्जत। “जिस दिन आप अपनी राजनीतिक एजेंसी तैयार करेंगे, उस दिन समझेंगे कि इस देश का नागरिक अपने अधिकारों के साथ सिर्फ वोटर से कहीं बड़ा होता है,” ओवैसी ने जोर देकर कहा।
ओवैसी ने बीजेपी, अजीत पवार गुट और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना समेत सभी प्रमुख राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया कि वे मुसलमानों को डराकर उनके वोट हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस चाहती है कि मुसलमान सिर्फ वोटर बनकर रहें, ताकि वे अपनी शर्तों पर कुछ भी न करवा सकें। “आपको अपनी खुद की राजनीतिक ताकत बनानी होगी,” उन्होंने कहा।
ओवैसी ताजबाग स्थित बाबा ताजुद्दीन औलिया की पूजनीय सूफी दरगाह के पास आयोजित इस रैली में AIMIM के 17 उम्मीदवारों के समर्थन में पहुंचे थे। आगामी नागपुर नगर निगम (NMC) चुनावों के मद्देनजर आयोजित इस सभा में करीब 15,000 लोगों की भीड़ उमड़ी, जिसने तालियों और नारों के साथ ओवैसी का स्वागत किया। यह दरगाह पर उनकी दूसरी यात्रा थी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मुस्लिम नेतृत्व को स्वीकार करने और उसे सशक्त बनाने से परहेज किया है।
ओवैसी ने UAPA जैसे सख्त कानूनों के कथित दुरुपयोग के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि UAPA को मनमोहन सिंह के कार्यकाल में लाया गया था और उन्होंने तब ही इसके सेक्शन 15A का विरोध किया था। “मैंने चेतावनी दी थी कि इसका इस्तेमाल मुसलमानों, दलितों और आदिवासियों के खिलाफ किया जाएगा,” ओवैसी ने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में बीजेपी ने ऐसे प्रावधान जोड़े, जिनसे NIA को किसी भी व्यक्ति को ‘आतंकवादी’ घोषित करने का अधिकार मिल गया, और कांग्रेस ने इन संशोधनों का समर्थन किया। वहीं वक्फ एक्ट में किए गए बदलावों को लेकर ओवैसी ने कहा कि ये संशोधन मस्जिदों और दरगाहों पर कब्जा करने के लिए लाए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नए नियमों के तहत अब कोई नई संपत्ति वक्फ के अंतर्गत नहीं लाई जा सकती।
ओवैसी के इस भाषण को नागपुर नगर निगम चुनाव से पहले AIMIM की सियासी रणनीति और मुस्लिम समुदाय को राजनीतिक रूप से संगठित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।