डिजिटल डेस्क- महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, नक्सलवाद, अर्बन नक्सल, गठबंधन राजनीति और बीजेपी की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठाए। पटोले ने कहा कि अगर एक चुनाव बैलेट पेपर से करवा लिया जाए तो सब कुछ साफ हो जाएगा कि जनता किसके साथ है। नाना पटोले ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को बीजेपी नहीं बल्कि चुनाव आयोग हरा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनावी व्यवस्था में निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। पटोले ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।
नक्सलवाद को मिलने वाले समर्थन देने वालों पर सरकार नहीं कर रही कोई ठोस कार्रवाई
नक्सलवाद के मुद्दे पर बोलते हुए पटोले ने कहा कि जंगलों में सक्रिय नक्सलवाद अब लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन उन्हें जो समर्थन और मदद मिल रही है, उस पर सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को जानबूझकर राजनीतिक फायदे के लिए जिंदा रखे हुए है। अर्बन नक्सल के मुद्दे पर कांग्रेस नेता ने सरकार के इरादों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने जन सुरक्षा कानून लाकर किसी को भी अर्बन नक्सल घोषित कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने का रास्ता खोल दिया है। पटोले ने पूछा कि शहरी नक्सली आंदोलन को बढ़ाने के पीछे सरकार का क्या मकसद है, इसे जनता के सामने स्पष्ट किया जाना चाहिए।
कोई हरे रंग की बात तो कोई भगवा की बात कर रहा है, कांग्रेस तिरंगे की बात करती है
पटोले ने AIMIM को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कोई भगवे रंग की बात करता है, कोई हरे रंग की, लेकिन कांग्रेस तिरंगे की बात करती है और तिरंगा ही उसका सम्मान है। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति को रंगों में बांटने की कोशिशें गलत हैं। महाराष्ट्र की सियासत में चल रही उथल-पुथल पर बोलते हुए नाना पटोले ने कहा कि अजित पवार और एकनाथ शिंदे दोनों पर बीजेपी का दबाव है। उन्होंने दावा किया कि शिंदे गुट के पार्षदों को होटल में रखना इसी दबाव की राजनीति का नतीजा था। पटोले ने कहा कि शिंदे को डर था, इसलिए उन्होंने पार्षदों को होटल में रखा, लेकिन अब बीजेपी के दबाव के चलते उन्हें घर जाने दिया गया।
सभी फाइलें ऑफिस से होकर गुजरती है
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय की सभी फाइलें सीएम ऑफिस से होकर गुजरती हैं, जिससे साफ है कि सत्ता का केंद्रीकरण हो चुका है। मेयर के मुद्दे पर पटोले ने साफ कहा कि अगर बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस को उद्धव ठाकरे के साथ जाना पड़ा तो पार्टी इसके लिए तैयार है। पटोले ने कहा कि यह फैसला भले ही दिल्ली आलाकमान करेगा, लेकिन बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस कुछ भी कर सकती है। पार्षद खरीद-फरोख्त के आरोपों पर उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के पास पैसा भी है और सत्ता भी, इसलिए वह हर तरह की सियासी चाल चल सकती है। उन्होंने बीजेपी को देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।