KNEWS DESK- लखनऊ के Ashiyana थाना क्षेत्र सेक्टर एल-91 में 20 फरवरी की सुबह 4 बजे 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह ने अपने शराब-पैथोलॉजी कारोबारी पिता मानवेंद्र सिंह (49) को लाइसेंसी राइफल से सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या पिता-पुत्र के बीच पढ़ाई और नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर हुए विवाद के कारण हुई।
हत्या के बाद अक्षत ने पिता के शव को तीसरी मंजिल से नीचे लाकर आरी से काटा, हाथ-पैर सदरौना के जंगल में फेंके और धड़ को नीले ड्रम में छिपा दिया। आरोपी ने छोटी बहन कृति को जान से मारने की धमकी देकर चार दिन तक घर में बंद रखा।
शुरुआत में अक्षत ने गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराकर सबको गुमराह करने की कोशिश की। पड़ोसियों की सतर्कता, CCTV फुटेज और घर से आने वाली बदबू ने अपराध का पर्दाफाश किया।
मानवेंद्र सिंह वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक थे और चार लैब्स के अलावा तीन शराब की दुकानें चलाते थे। उनकी पत्नी का 2017 में निधन हो चुका था। अक्षत बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था और नीट की तैयारी में असफल होने के बाद पिता लगातार दबाव डाल रहे थे। इसके पहले भी अक्षत ने घर से जेवर चोरी किए थे, जिसे पिता ने बाद में अपने बेटे की करतूत छुपाने के लिए रिपोर्ट वापस ले ली थी।
पड़ोसियों ने बताया कि हत्या के बाद अक्षत बार-बार घर से बाहर निकलता और पिता की गैरमौजूदगी की कहानी बनाता रहा। CCTV फुटेज और लोकेशन ट्रेसिंग से पता चला कि 19 फरवरी की रात मानवेंद्र घर में आए, लेकिन बाहर नहीं निकले। बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
डीसीपी मध्य, विक्रांत वीर के अनुसार, अक्षत ने पुलिस को बताया कि पिता ने राइफल निकालकर उसे धमकाया था। उसने राइफल उठाकर पिता के सिर में गोली मार दी। शुरू में उसने आत्महत्या का झूठा कहानी बताई, लेकिन कड़ी पूछताछ में पूरी सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस ने बाकी अंग सदरौना में तलाशे, फॉरेंसिक टीम बुलाई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अक्षत के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने के धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। छोटी बहन कृति की काउंसलिंग कराई गई, लेकिन वह अभी भी मानसिक तौर पर काफी प्रभावित है।