KNEWS DESK – लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज हो गया। प्रस्ताव पर दो दिनों तक बहस हुई, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पीकर का बचाव किया और विपक्षी आरोपों का जोरदार खंडन किया। प्रस्ताव खारिज होने के बाद अब ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष बने रहेंगे।
विपक्ष ने स्पीकर पर पक्षपात का लगाया आरोप
अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कई विपक्षी सहयोगियों के समर्थन से पेश किया था। विपक्ष का आरोप था कि स्पीकर विपक्षी नेताओं के साथ पक्षपात कर रहे हैं और उन्हें समान अवसर नहीं दिया जा रहा। आरजेडी सांसद अभय कुमार सिन्हा ने कहा कि विपक्ष के सांसदों को अक्सर लगता था कि उनके बोलने की स्वतंत्रता खतरे में है।
सिन्हा ने सदन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “इस सदन ने वह काला दिन भी देखा जब एक दिन में 140 से ज्यादा सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। असली डेमोक्रेसी वह है जिसमें सबसे कमजोर व्यक्ति भी अपनी आवाज उठा सके।”
अमित शाह ने स्पीकर का किया समर्थन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बहस में कहा कि स्पीकर का काम सदन के नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार दोनों पक्षों का प्रतिनिधित्व करना है। उन्होंने बताया कि स्पीकर सदन के न्यूट्रल कस्टोडियन होते हैं और उनका कार्य इतिहास और नियमों पर आधारित है।
शाह ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सदन में बहस और असहमति का सम्मान होना चाहिए, लेकिन आरोप लगाना और राजनीतिक लाभ उठाना अनुचित है।
विपक्ष ने रुकावटों और कैमरा फोकस पर भी उठाए सवाल
JMM सांसद विजय कुमार हंसदक ने कहा कि अक्सर विपक्ष के भाषणों में रुकावटें आती हैं और उनके बोलने पर ध्यान नहीं दिया जाता। एनसीपी सांसद बजरंग मनोहर सोनवाने ने कहा कि प्रस्ताव का उद्देश्य वोटिंग जीतना नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रकाश डालना था।
सोनवाने ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि “जैसे टेबल फैन सिर्फ एक तरफ कूलिंग देता है, उसी तरह कभी-कभी चेयर का ध्यान एक ही तरफ केंद्रित रहता है।”