डिजिटल डेस्क- अंतरराष्ट्रीय अंडरवर्ल्ड और आतंकी नेटवर्क से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट ने दावा किया है कि उसने पुर्तगाल में कथित तौर पर ISI से जुड़े शहजाद भट्टी को निशाना बनाकर एक वारदात को अंजाम दिया है। गैंग के मुताबिक, बाइक पर सवार नकाबपोश शूटरों ने भट्टी के ठिकाने पर हमला किया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले में शहजाद भट्टी मारा गया है या नहीं। इस कथित हमले को लेकर पुर्तगाल की स्थानीय पुलिस ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे पूरे मामले को लेकर रहस्य बना हुआ है। बिश्नोई गैंग का यह दावा ऐसे समय पर सामने आया है, जब भारतीय एजेंसियां शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर पहले से ही नजर बनाए हुए हैं।
सोशल मीडिया में पोस्ट कर ली जिम्मेदारी
बताया जा रहा है कि यह घटना दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की कार्रवाई के करीब दो महीने बाद हुई है। स्पेशल सेल ने हाल ही में भारत में भट्टी के बढ़ते नेटवर्क का खुलासा किया था और पंजाब के गुरदासपुर में एक पुलिस स्टेशन पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में उसके तीन कथित गुर्गों को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि भट्टी का नेटवर्क भारत में युवाओं को कट्टरपंथ और अपराध की ओर धकेलने में सक्रिय था। रविवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने यह भी दावा किया कि 22 जून को ब्राजील में भी शहजाद भट्टी को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, जिसका पहले कोई सार्वजनिक जिक्र नहीं हुआ था। गैंग के अनुसार, उस दौरान टैगवा टिंगा इलाके में एक “स्पेशल मैक्सिकन माफिया टीम” तैनात की गई थी, लेकिन भट्टी उस हमले में बच निकलने में सफल रहा।
शहजाद भट्टी के थे पाकिस्तान खुफिया एजेंसी से गहरे संबंध
सूत्रों के मुताबिक, शहजाद भट्टी की पहचान पाकिस्तान स्थित अंडरवर्ल्ड के एक प्रभावशाली ऑपरेटर के रूप में की गई है, जिसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से कथित तौर पर गहरे संबंध बताए जाते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भट्टी को ISI के एक प्रमुख प्रॉक्सी के तौर पर काम सौंपा गया था। उस पर सीमा पार आतंकी मॉड्यूल को संभालने और सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को हाई-प्रोफाइल हमलों के लिए भर्ती करने का आरोप है। आतंकवाद के अलावा, भट्टी पर हथियारों और नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट को संचालित करने का भी आरोप है। उसकी अंतरराष्ट्रीय पहुंच ने उसे बिश्नोई गैंग जैसे प्रतिद्वंद्वी अपराधी नेटवर्क के लिए सीधी चुनौती बना दिया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, भट्टी सोशल मीडिया और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहता है और वीडियो के जरिए युवाओं को अपने गैंग में शामिल करने की कोशिश करता रहा है।