KNEWS DESK – केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं. इसी बीच कांग्रेस ने मंगलवार (17 मार्च) को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. पार्टी की इस पहली सूची में 55 उम्मीदवारों के नाम शामिल किए गए हैं.
कांग्रेस ने इस सूची में अनुभव और निरंतरता पर भरोसा जताते हुए 20 मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दिया है. कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य रमेश चेन्निथला को हरिपद सीट से मैदान में उतारा गया है, जबकि विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन को परवूर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ को पेरावूर से टिकट दिया गया है.
पार्टी ने कई प्रमुख चेहरों पर भी भरोसा जताया है. पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी के बेटे चांडी ओम्मन को पुथुपल्ली सीट से चुनावी मैदान में उतारा गया है. चांडी ओम्मन वर्तमान में इसी सीट से विधायक हैं. इसके अलावा राम्या हरिदास को चिरयिनकीझु सीट से और वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन को वट्टियूरकावु सीट से टिकट दिया गया है.
कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) ने मंगलवार को हुई बैठक में इन सभी उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई. इसके साथ ही पार्टी ने चुनावी तैयारियों को मजबूत करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर भी बदलाव किए हैं. प्रणव वच्छराजानी को राष्ट्रीय संयोजक और विपिन यादव को राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में केरल कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग की चुनावी गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
वहीं चुनाव आयोग ने हाल ही में केरल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है. राज्य की सभी 140 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा. केरल में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि 4 मई को मतगणना कर नतीजे घोषित किए जाएंगे.
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 16 मार्च को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी. उम्मीदवार 23 मार्च तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे, जबकि 24 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी. नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च तय की गई है. चुनाव आयोग के मुताबिक राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 2.70 करोड़ है.
बता दें कि मौजूदा केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त हो रहा है. पिछला विधानसभा चुनाव साल 2021 में हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) ने शानदार जीत दर्ज करते हुए 140 में से 99 सीटों पर कब्जा जमाया था. ऐसे में इस बार का चुनाव भी राज्य की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.