शिव शंकर सविता- कानपुर से एक दिल दहला देने वाला और गुस्सा पैदा कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर कानून व्यवस्था और रसूखदारों की दबंगई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के सजारी इलाके में एक रिटायर्ड दरोगा के बेटे ने शराब के नशे में ऐसी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया, जिसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया। बताया जा रहा है कि 4 अप्रैल की रात तेज बारिश के बीच आरोपी रोहित, जो कि एक रिटायर्ड दरोगा का बेटा है, स्विफ्ट डिजायर कार लेकर इलाके में पहुंचा और हुड़दंग मचाने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह करीब 10 मिनट तक लगातार हॉर्न बजाकर लोगों को परेशान करता रहा। जब स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने इसका विरोध किया, तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आया और खुलेआम धमकी देने लगा कि “मेरा बाप दरोगा है, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
फास्ट फूड की दुकान बंद कर वापस लौट रहा था युवक
इसी दौरान जब फास्ट फूड दुकानदार ध्रुमित पांडेय अपने भाई मनीष पांडेय के साथ दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी आरोपी ने अचानक कार मोड़कर उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि ध्रुमित पांडेय सीधे कार के बोनट पर जा गिरे। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि आरोपी ने कार रोकने के बजाय उन्हें करीब 50 मीटर तक घसीटता रहा। इस अमानवीय हरकत में ध्रुमित पांडेय का पैर बुरी तरह टूट गया और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ हालत में उन्हें पहले कांशीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर रामा देवी स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया।
लोगों का आरोप- विभागीय मामला होने के चलते बचा रही पुलिस
लोगों का कहना है कि अगर आरोपी आम आदमी होता, तो अब तक गिरफ्तार हो चुका होता, लेकिन रसूख के चलते वह अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर कब तक ऐसे दबंग कानून को ठेंगा दिखाते रहेंगे? मामले पर चकेरी के एसीपी अभिषेक पांडेय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपी के घर पर दबिश दी गई है, लेकिन वह फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या कानून सबके लिए बराबर है? क्या आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं?