कानपुर मेट्रो की रफ्तार बढ़ी: सेंट्रल से नौबस्ता तक सफल ट्रायल, अप्रैल में शुरू हो सकता है सफर

शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने बुधवार को कानपुर मेट्रो परियोजना में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। पहली बार कानपुर सेंट्रल भूमिगत स्टेशन से नौबस्ता एलिवेटेड स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन का सफल ट्रायल रन किया गया। इस परीक्षण के साथ ही कानपुरवासियों का नौबस्ता तक मेट्रो से सफर करने का सपना अब साकार होने के करीब पहुंच गया है। ट्रायल रन के दौरान मेट्रो के प्रबंध निदेशक (एमडी) समेत वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेन को अप लाइन पर मैनुअल मोड में करीब पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया। अधिकारियों ने ट्रायल को पूरी तरह सफल बताया। यूपीएमआरसी के अनुसार, यदि आगे के सभी तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा निरीक्षण सफल रहते हैं तो अप्रैल महीने में नौबस्ता तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है।

वर्तमान में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक संचालित होती है सेवा

फिलहाल कानपुर मेट्रो की सेवाएं आईआईटी कानपुर से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक संचालित हो रही हैं। अब इस रूट को आगे बढ़ाते हुए नौबस्ता तक जोड़ा जा रहा है। इस विस्तारित सेक्शन में दो भूमिगत स्टेशन झकरकटी और ट्रांसपोर्टनगर, जबकि पांच एलिवेटेड स्टेशन बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्धनगर और नौबस्ता शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और फिनिशिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। टेस्ट रन के दौरान मेट्रो ट्रेन को प्रत्येक स्टेशन और नौबस्ता हाईवे के ऊपर बने एलिवेटेड ट्रैक पर रोका गया। इस दौरान ट्रैक की मजबूती, विद्युत आपूर्ति प्रणाली, थर्ड रेल, सिग्नलिंग सिस्टम और प्लेटफॉर्म अलाइनमेंट की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक की जांच में सभी तकनीकी मानक संतोषजनक पाए गए हैं।

अगले चरण में एटीपी और एटीओ का होगा परीक्षण

यूपीएमआरसी के अनुसार, अगले चरण में मेट्रो ट्रेन को एटीपी (ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन) और एटीओ (ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन) मोड में चलाकर हाई-स्पीड ट्रायल किए जाएंगे। इन परीक्षणों के बाद मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। सीएमआरएस की हरी झंडी मिलते ही यात्रियों के लिए इस रूट को खोल दिया जाएगा। करीब 24 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 (आईआईटी–नौबस्ता) में से आईआईटी से सेंट्रल स्टेशन तक 16 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो पहले से संचालित हो रही है। अब सेंट्रल स्टेशन से लगभग आठ किलोमीटर लंबे शेष सेक्शन को जोड़ने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। वहीं, 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) का निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है, जिससे भविष्य में कानपुर शहर की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।

न्यूनतम 10 और अधिकतम 60 रूपए होगा किराया

किराए की बात करें तो यूपीएमआरसी ने नौबस्ता तक मेट्रो सेवा के लिए किराया संरचना भी तय कर दी है। नौबस्ता से आईआईटी तक का किराया 60 रुपये, जबकि नौबस्ता से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक का किराया 30 रुपये रखा गया है। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक सफर करने पर यात्रियों को 10 रुपये, जबकि अधिकतम 21 स्टेशनों तक यात्रा के लिए 60 रुपये किराया देना होगा। यूपीएमआरसी के संयुक्त महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल के बीच रोजाना 25,000 से 30,000 यात्री मेट्रो से सफर कर रहे हैं। नौबस्ता तक सेवा शुरू होने के बाद यह संख्या 80,000 से एक लाख प्रतिदिन तक पहुंचने की संभावना है।

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