कानपुरः सचेंडी सामूहिक दुष्कर्म केस में बड़ी कार्रवाई, एसीपी लाइन हाजिर, चौकी प्रभारी निलंबित

शिव शंकर सविता- कानपुर में सामने आए सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस की लापरवाही पर आखिरकार गाज गिर गई है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कार्रवाई करते हुए पनकी के एसीपी शिखर को लाइन हाजिर कर दिया है, जबकि भीमसेन चौकी प्रभारी दिनेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कदम उस समय उठाया गया, जब जांच में सामने आया कि पीड़िता की शिकायत पर समय से कार्रवाई नहीं की गई और गंभीर धाराएं लगाने में भी कोताही बरती गई। यह मामला सचेंडी थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है, जहां सोमवार देर शाम एक किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। पीड़िता ने बाद में बताया कि दो लोगों ने उसे काले रंग की स्कॉर्पियो में जबरन बैठाया और करीब दो किलोमीटर तक घुमाने के बाद झांसी रेलवे लाइन के पास ले जाकर कार में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपित उसे घर के पास फेंककर फरार हो गए।

आलाधिकारियों तक पहुंचा मामला, तब दर्ज हुआ मुकदमा

पीड़िता का भाई जब इस घटना की सूचना देने भीमसेन चौकी पहुंचा, तो उसे कथित तौर पर वहां से भगा दिया गया। मजबूर होकर परिवार ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद मंगलवार को मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, उस समय भी पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराएं नहीं लगाईं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) विनोद कुमार सिंह ने घटनास्थल, सचेंडी थाना और भीमसेन चौकी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि एसीपी और चौकी प्रभारी स्तर पर लापरवाही बरती गई, जिसके बाद दोनों पर विभागीय कार्रवाई की गई।

मुकदमे के तीन दिन बाद दर्ज हुए पीड़िता के बयान, दरोगा अभी भी फरार

मुकदमा दर्ज होने के करीब तीन दिन बाद पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान कराए गए। बयान के दौरान किशोरी ने मजिस्ट्रेट के सामने आधे घंटे तक आपबीती सुनाई और आरोपित शिवबरन के साथ-साथ निलंबित दारोगा अमित मौर्य की भूमिका का भी खुलासा किया। पीड़िता के बयान के बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया और फिर पुलिस सुरक्षा में उसके घर पहुंचाया गया। पीड़िता की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने उसके घर के बाहर 24 घंटे के लिए दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। वहीं, घटना के बाद से फरार चल रहे निलंबित दारोगा अमित मौर्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जबकि उसकी भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।

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