डिजिटल डेस्क- बीते दिनों कानपुर में हुए हाई प्रोफाइल किडनी कांड में कानपुर के नामी गिरामी मैक्स अस्पताल का नाम सामने आने से चिकित्सा जगत में हड़कंप मच गया है। किडनी कांड से जुड़े एजेंट और दलाल के बीच सामने आये ऑडियो में प्रमुखता से मैक्स अस्पताल का नाम सामने आया है। किडनी कांड में मैक्स अस्पताल का नाम सामने आने के बाद से यहां कार्यरत स्टॉफ किसी से बात करने में कन्नी काटते नजर आ रहे हैं। हालांकि पुलिस ने मैक्स अस्पताल के काले करतूतों की रिपोर्ट बनाकर हेल्थ डिपार्टमेंट को सौंप दी है। जल्द ही काले धंधे में लिप्त मैक्स अस्पताल पर कड़ा शिकंजा कसा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार हाई प्रोफाइल किडनी कांड में मैक्स अस्पताल का नाम सामने आने के बाद हमेशा के लिए अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करते हुए इससे जुड़े लोगों को जेल भेजा जा सकता है।
हालत बिगड़ने के बाद महिला को कराया गया था मैक्स अस्पताल में भर्ती
जांच में सामने आया है कि नवंबर 2025 में एक महिला का किडनी ट्रांसप्लांट कानपुर के अहूजा हॉस्पिटल में किया गया था। ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत बिगड़ने पर उसे कल्याणपुर के एक बड़े अस्पताल, मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद बिना किसी कागजी प्रक्रिया के शव परिजनों को सौंप दिया गया और पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम में फरार चल रहे कथित सरगना डॉ. रोहित का नाम भी सामने आया है। ऑडियो में ‘साइलेंट’ रहने और मामले को शांत करने की बात बार-बार कही जा रही है।

ऑडियो में शिवम और नवीन के बीच हुई बातचीत के अंश….
नवीन: बात हुई रोहित सर से?
शिवम: रोहित सर को फोन किया, फोन उठाए फिर काट दिए। व्हाट्सएप कॉल किया तो वहां से नहीं उठाए।
नवीन: हमें लगता है कहीं… हमसे भी बोल रहे थे थोड़ा जल्दी में हैं। बस मैसेज बोल के और फिर बोले कि थोड़ा सा देख लो और अपना थोड़ा साइलेंट रहना। तो मैंने कहा, ठीक है। बस।
शिवम: तो क्या करूँ? साइलेंट हो जाऊं?
नवीन: नहीं, हमसे बोल रहे थे। बोले देख लेना अपना बाकी जैसा भी हो देखते हैं।
शिवम: अच्छा, जाना… नवीन भाई इसलिए बेहतर रहेगा कि मान लो कोई बात अगर वैसे सॉर्ट आउट हो के निपटेगी तो निपट जाएगी। पेशेंट बड़े प्यार से बात कर रहा है, अभी फोन किया था। सच में बोल रहा है कि मेरा पेशेंट यहां जो आप मैक्स में एडमिट कर दिए हो, एक्सपायर हो गया है, इसको डिस्चार्ज कर दो बस हो गया। नहीं तो हम भी फसेंगे तुम भी फसोगे।
नवीन: नहीं तो मैक्स में एडमिट हो गया था क्या?
शिवम: हां, हो गया। और मैं बात कर लिया डॉक्टर से।
नवीन: क्या कह रहे हैं डॉक्टर?
शिवम: डॉक्टर से बात कर लिया, बोले कि हम डिस्चार्ज करा दे रहे हैं बिना कागज़ के ही।
नवीन: अच्छा… हां-हां… नहीं तो मैक्स में जब एडमिट हुआ है तो उन्होंने क्या दिखाया है?
शिवम: जब पहुंचे ही हैं तो एक्सपायर हुआ है।
नवीन: नहीं-नहीं, मतलब इमरजेंसी में एक्सपायर हुए हैं कि एडमिट होने के बाद ICU में एक्सपायर हुए हैं?
शिवम: पहले ही एक्सपायर हुआ है, लेकिन इमरजेंसी में लेकर गए हैं न वो लोग… हाँ… कुछ मैटर है। वो बोले डिस्चार्ज करना क्या है, लेके जाएं मैं करा दे रहा हूं।
नवीन: तो तुमने रोहित सर से बात की?
शिवम: रोहित सर से बात ही नहीं हो रही है। थोड़ा आपसे बात हो तो बोलो एक मिनट बात कर लें वो लोग व्हाट्सएप कॉल पे।
नवीन: हमारे पास भी तो वही नंबर है यार, दूसरा नंबर ही नहीं है उनका। चलिए बात होगी तो देखेंगे, फिलहाल अभी तो हम नहीं जा रहे हैं, देखते हैं।
शिवम: चलो ठीक है।
आॉडियो के सामने आने के बाद डॉक्टर और एजेंट की धरपकड़ हुई तेज
इस ऑडियो के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। पुलिस अब फरार डॉ. रोहित और एजेंट नवीन पांडेय की तलाश में दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा में लगातार दबिश दे रही है। साथ ही मृतक महिला के परिजनों की तलाश भी जारी है, ताकि पूरे मामले में और एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जा सके।