KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश के कानपुर में ग्वालटोली थाना क्षेत्र स्थित वीआईपी रोड पर हुए चर्चित हिट एंड रन मामले में कानूनी हलचल तेज हो गई है। बुधवार को आरोपी बताए जा रहे शिवम मिश्रा के वकील के साथ ड्राइवर मोहन अदालत पहुंचा और सरेंडर की पेशकश की। हालांकि, कोर्ट में इस पर नया मोड़ आ गया।
शासकीय अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि मुकदमे में मोहन का नाम शामिल नहीं है, ऐसे में उसके सरेंडर का कोई औचित्य नहीं बनता। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, केस में शिवम मिश्रा नामजद हैं। इस आधार पर अभियोजन पक्ष ने कहा कि ड्राइवर का सामने आना प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है फिलहाल पूरे मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में जारी है।
अदालत पहुंचकर मोहन ने बड़ा दावा किया। उसने कहा कि घटना के वक्त वही गाड़ी चला रहा था। उसके मुताबिक, ड्राइविंग के दौरान शिवम की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उन्हें दौरा पड़ा था। शिवम को संभालने की कोशिश में गाड़ी अनियंत्रित हो गई और हादसा हो गया। मोहन ने यह भी कहा कि इस केस से शिवम का कोई लेना-देना नहीं है और जिम्मेदारी वही लेता है।
इसी बीच बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि 8 फरवरी की रात जिस लग्जरी लैंबॉर्गिनी कार ने सड़क पर कहर बरपाया, उसमें शिवम खुद स्टीयरिंग पर बैठे दिखाई दे रहे थे और कार में कोई दूसरा शख्स नजर नहीं आ रहा था।
वीडियो में कार के आसपास भीड़ और एक बाउंसर को वॉकी-टॉकी पर पुलिस से बातचीत करते हुए भी देखा गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
अब सवाल यह है कि कोर्ट और पुलिस जांच में किसके दावे को सही माना जाएगा। एक ओर वायरल वीडियो है, तो दूसरी तरफ ड्राइवर का आत्मसमर्पण और जिम्मेदारी लेने का दावा।
कानूनी प्रक्रिया के तहत साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल हिट एंड रन केस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।