झारखंड एयर एंबुलेंस हादसा: बेहतर इलाज की आस में निकले संजय कुमार की दर्दनाक मौत

KNEWS DESK – झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया में हुए एयर एंबुलेंस हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में संजय कुमार भी शामिल थे, जिन्हें गंभीर हालत में बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था।

कौन थे संजय कुमार?

संजय कुमार लातेहार जिले के चंदवा कस्बे में एक छोटा-सा ढाबा चलाते थे। परिवार के भरण-पोषण का यही एकमात्र साधन था। सोमवार को उनके ढाबे में अचानक शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से वे बुरी तरह झुलस गए।

उन्हें तुरंत रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार उनका शरीर लगभग 63 से 65 प्रतिशत तक जल चुका था। हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली के किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी।

कर्ज लेकर बुक की एयर एंबुलेंस

परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। इसके बावजूद संजय की जान बचाने के लिए परिजनों ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर करीब 8 लाख रुपये की व्यवस्था की और एयर एंबुलेंस बुक कराई।

रांची से रेडबर्ड एयरवेज का बीचक्राफ्ट C90 विमान (VT-AJV) शाम 7:11 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुआ। परिवार को उम्मीद थी कि कुछ ही घंटों में संजय राजधानी पहुंचकर बेहतर इलाज पा सकेंगे।

उड़ान के 23 मिनट बाद हादसा

उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद मौसम अचानक खराब हो गया। तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया। लगभग 23 मिनट बाद चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के घने जंगलों में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस हादसे में संजय कुमार के साथ उनकी पत्नी बसंती देवी और भांजा ध्रुव की भी मौत हो गई। विमान में मौजूद मेडिकल टीम और दोनों पायलट भी इस दुर्घटना में जान गंवा बैठे।

संजय कुमार अपने परिवार की उम्मीदों का सहारा थे। इलाज की आस में उठी यह उड़ान कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गई। कर्ज लेकर जुटाई गई रकम और बेहतर भविष्य की उम्मीद, दोनों ही इस हादसे में समाप्त हो गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *