“किसी को बंधक बनाना मेरे लिए मामूली बात” — BJP विधायक ब्रजभूषण के बयान से मचा सियासी बवाल

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के चरखारी से बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विधायक ने खुले मंच से कहा कि किसी को बंधक बनाना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है और लोग उनका पुराना रूप नहीं जानते। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बीजेपी में आने के बाद वह अनुशासित हुए हैं। ब्रजभूषण राजपूत के बयान यहीं नहीं रुके। उन्होंने पार्टी के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के खिलाफ भी बगावती तेवर दिखाते हुए कहा कि वह विकास की बात बंद कमरों में क्यों करें। उनका कहना था कि वह जनप्रतिनिधि हैं और जनता की समस्याओं को सड़कों पर उठाना उनका अधिकार और कर्तव्य है।

केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को भी बना चुका बंधक- ब्रजभूषण

गौरतलब है कि ब्रजभूषण राजपूत का विवादों से पुराना नाता रहा है। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान वह तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को बंधक बना चुके हैं। यही नहीं, उस दौरान अधिकारियों को चूड़ियां और पेटीकोट पहनाने जैसे कृत्य भी किए गए थे, जिसे लेकर वे पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं। पिछले सप्ताह भी विधायक ब्रजभूषण राजपूत चर्चा में आए थे, जब उन्होंने महोबा जिले में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को रोक लिया था। इस दौरान मंत्री के पीआरओ और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ते देख प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। बाद में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक को अपनी गाड़ी में बैठाकर डीएम कार्यालय ले गए, जहां बैठक के बाद 20 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया।

मेरा उद्देश्य जनसमस्याओं का समाधान कराना- ब्रजभूषण

इस पूरे मामले को लेकर ब्रजभूषण राजपूत ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जनसमस्याओं का समाधान कराना है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार की ‘हर घर जल योजना’ और ‘नमामि गंगे’ जैसी योजनाएं उनके क्षेत्र में कागजों में चल रही हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है। पिछले छह वर्षों से सड़कों की खुदाई चल रही है और काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। विधायक ने साफ कहा कि जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है, इसलिए वह अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर 20 दिनों के भीतर काम नहीं हुआ, तो आगे की रणनीति जनता तय करेगी और वे किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं।

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