KNEWS DESK – इशुदान गढ़वी की गिरफ्तारी को लेकर गुजरात की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि बीजेपी सरकार के इशारे पर पुलिस ने उन्हें बेवजह हिरासत में लिया है, जबकि बीजेपी की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
खंभालिया थाने से हिरासत में लिए गए
पार्टी नेताओं के मुताबिक, इशुदान गढ़वी खंभालिया थाने में अपने कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद AAP नेताओं ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
AAP नेताओं का बीजेपी पर हमला
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि गुजरात में बीजेपी की “गुंडागर्दी” बढ़ती जा रही है और लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष की नेता आतिशी ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी, AAP के बढ़ते प्रभाव से घबराकर झूठे केस कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
केजरीवाल ने भी साधा निशाना
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में गुजरात में AAP कार्यकर्ताओं पर 145 FIR दर्ज की गई हैं और 160 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने इसे “तानाशाही” करार दिया और कहा कि बीजेपी हार के डर से बौखलाई हुई है।
कौन हैं इशुदान गढ़वी?
इशुदान गढ़वी का जन्म 10 जनवरी 1982 को गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में हुआ था। एक किसान परिवार से आने वाले गढ़वी ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की और बाद में राजनीति में कदम रखा।
उन्होंने 14 जून 2021 को आम आदमी पार्टी जॉइन की थी, जब खुद अरविंद केजरीवाल ने अहमदाबाद में उन्हें पार्टी में शामिल कराया था। 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में उन्हें AAP ने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार भी घोषित किया था।
हालांकि, वह देवभूमि द्वारका की खंभालिया सीट से चुनाव हार गए थे, लेकिन उनकी लोकप्रियता को देखते हुए जनवरी 2023 में उन्हें गुजरात AAP का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।