डिजिटल डेस्क- मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले की खबरों के बीच राजधानी तेहरान समेत कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि शनिवार सुबह तेहरान में कई विस्फोट हुए, जिससे शहर में अफरातफरी का माहौल बन गया। इजरायली सेना (IDF) ने शनिवार सुबह अचानक कार्रवाई की। हमले से ठीक पहले IDF ने अपने नागरिकों को नेशनल अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षित स्थानों के पास रहने की चेतावनी दी थी। सेना ने बयान में कहा कि यह अलर्ट “संभावित मिसाइल हमलों के मद्देनजर जनता को तैयार करने के लिए प्रोएक्टिव कदम” है। इजरायल को आशंका है कि ईरान जवाबी कार्रवाई में मिसाइल दाग सकता है।
तेहरान में कई इलाकों को निशाना
फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान की यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जोम्हौरी इलाके में कम से कम तीन मिसाइल हमलों की सूचना है। ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि इजरायली हमले में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के खुफिया मुख्यालय को निशाना बनाया गया। इसके अलावा मध्य तेहरान के कुछ अन्य इलाकों को भी टारगेट किया गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में रात के अंधेरे में तेज धमाके और धुएं के गुबार देखे जा सकते हैं। हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इजरायल में हाई अलर्ट, हवाई क्षेत्र बंद
संभावित जवाबी हमले के खतरे को देखते हुए इजरायल ने अपने हवाई क्षेत्र को आम नागरिक उड़ानों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। देशभर में एयर डिफेंस सिस्टम को अलर्ट पर रखा गया है। IDF का कहना है कि अभी तक इजरायल की ओर किसी मिसाइल हमले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खतरा बना हुआ है।
विदेशी नागरिकों के लिए एडवाइजरी
तेजी से बदलते हालात के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) ने इजरायल और फिलिस्तीन की यात्रा को लेकर चेतावनी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि जरूरी यात्रा को छोड़कर अन्य सभी यात्राओं से बचें। FCDO ने विशेष रूप से गाजा, वेस्ट बैंक के कुछ गवर्नरेट जैसे तुलकरम, जेनिन और टुबास और रूट 90 के आसपास यात्रा न करने की सलाह दी है। साथ ही कब्जे वाले गोलन हाइट्स में अल्फा लाइन के 500 मीटर के भीतर न जाने की चेतावनी दी गई है। ब्रिटेन ने एहतियातन अपने कुछ दूतावास कर्मियों और उनके परिवारों को तेल अवीव से अस्थायी रूप से दूसरी जगह भेज दिया है, हालांकि दूतावास सामान्य रूप से काम कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान जवाबी मिसाइल हमला करता है तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। अमेरिका की भूमिका को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर वाशिंगटन की ओर से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।