KNEWS DESK: दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका इस समय महंगाई के ऐसे दबाव में है, जिसने आम लोगों से लेकर नीति निर्माताओं तक सभी की चिंता बढ़ा दी है। मार्च 2026 के ताजा आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि हालात जल्द सुधरने वाले नहीं हैं।
4 साल का रिकॉर्ड टूटा, 3.3% पर पहुंची महंगाई
Bureau of Labor Statistics के मुताबिक, मार्च में महंगाई दर (CPI) 3.3% तक पहुंच गई, जो फरवरी के 2.4% से काफी ज्यादा है।
महीने-दर-महीने आधार पर कीमतों में 0.9% की बढ़ोतरी दर्ज हुई—यह 2022 के बाद की सबसे तेज मासिक उछाल है।
ईरान संकट से बढ़ी आग, गैस के दाम में ऐतिहासिक उछाल
महंगाई की इस तेज रफ्तार के पीछे सबसे बड़ा कारण ईरान से जुड़ा भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा संकट है।
तेल आपूर्ति प्रभावित होने से अमेरिका में गैस (पेट्रोल) की कीमतों में 60 साल की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी देखी गई।
- गैस की औसत कीमत: $4.17 प्रति गैलन
- एक महीने में करीब 69 सेंट की बढ़ोतरी
- कुल महंगाई में ऊर्जा का योगदान लगभग 75%
आम जनता पर सीधा असर
भले ही ‘कोर इन्फ्लेशन’ (खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर) 2.6% पर है, लेकिन आम लोगों के लिए असली मार पेट्रोल, अंडे और जरूरी सामान की कीमतों से पड़ रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ेगी, जिसका असर आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों, एयरलाइन टिकट और डिलीवरी चार्ज पर भी पड़ेगा।
बड़ी कंपनियों ने बढ़ाया बोझ, क्या ब्याज दरों में कटौती रुकेगी?
Amazon और UPS जैसी कंपनियों ने पहले ही ‘फ्यूल सरचार्ज’ लगाना शुरू कर दिया है, जिससे आम ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। महंगाई के इस उछाल के बाद Federal Reserve के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो गया है। अब उम्मीद है कि फेड फिलहाल सख्त रुख अपनाए रखेगा, जिससे लोन महंगे बने रहेंगे और आर्थिक दबाव जारी रहेगा।