डिजिटल डेस्क- देश के प्रसिद्ध उद्योगपति और अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने रविवार को झारखंड स्थित पवित्र बैद्यनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की। उनके मंदिर आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले उन्हें प्रशासनिक भवन ले जाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने संकल्प लिया। बताया गया कि उनके पुश्तैनी तीर्थ पुरोहित दानी नरौने और उनके सहयोगियों ने विधि-विधान से पूजा का संकल्प कराया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें बाबा भोलेनाथ के गर्भगृह में ले जाया गया, जहां उन्होंने करीब सात मिनट तक विशेष पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही पर विशेष नियंत्रण रखा गया था।
मैं स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं- गौतम अडानी
पूजा के उपरांत गौतम अडानी ने कहा, “मन की शांति के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना करना मेरी बहुत पुरानी इच्छा थी। यहां पूजा कर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। मैंने झारखंड और पूरे देश के लोगों की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की है।” उनके इस बयान के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मंदिर प्रबंधन की ओर से जिला खेल पदाधिकारी सह बाबा मंदिर के सहायक प्रभारी संतोष कुमार ने उन्हें बाबा भोलेनाथ का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस दौरान उनके निजी सुरक्षा कर्मी भी साथ मौजूद रहे।
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है बाबा बैद्यनाथ
बाबा वैद्यनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हिंदू आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इसे 51 शक्ति पीठों में भी शामिल किया जाता है। शिव और शक्ति के इस संगम स्थल का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व देशभर के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत विशेष है। मंदिर दर्शन के बाद गौतम अडानी के पीरपैंती स्थित ताप विद्युत परियोजना स्थल के दौरे का भी कार्यक्रम है। अडानी पावर लिमिटेड द्वारा यहां 2,400 मेगावाट क्षमता का कोयला आधारित सुपर क्रिटिकल बिजली संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना में 800 मेगावाट की तीन इकाइयां (3×800 मेगावाट) शामिल हैं। लगभग 21,400 करोड़ रुपये के निवेश वाली यह परियोजना झारखंड के प्रमुख ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में से एक मानी जा रही है।