KNEWS DESK- ग्लोबल मार्केट में आए भारी दबाव का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही गिरावट के साथ खुले। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स लगभग 700 अंक टूटकर 83,674 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जबकि निफ्टी में करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई।
आईटी सेक्टर के शेयरों में वैश्विक स्तर पर आई गिरावट ने भारतीय बाजार को भी हिला दिया। इंडियन मार्केट में IT स्टॉक्स करीब 5% नीचे आ गए, जिससे समग्र बाजार पर दबाव बढ़ा। बीते दो दिनों में निवेशकों के लगभग 10 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं। बीते बुधवार को बीएसई का मार्केट कैप 474 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 465 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
गुरुवार को भी बाजार में सभी सेक्टरों में प्रॉफिट बुकिंग और IT स्टॉक्स में बिकवाली के चलते सेंसेक्स 558.72 अंक या 0.66% गिरकर 83,674.92 पर बंद हुआ था। निफ्टी 50 146.65 अंक या 0.57% गिरकर 25,807.20 पर बंद हुआ। आज के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स फिर लगभग 700 अंक की गिरावट के साथ खुले।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, डॉ. वीके विजयकुमार ने मिंट को बताया कि बाजार फिलहाल उथल-पुथल वाले दौर में है, जिससे निवेशकों में पैनिक हो सकता है। US मार्केट में AI स्टॉक्स में बिकवाली की संभावना पहले से थी, लेकिन इसका समय और हद स्पष्ट नहीं थी। नैस्डैक में 2.04% की गिरावट अभी क्रैश नहीं मानी जाती, लेकिन अगर यह गिरावट जारी रहती है, तो US बाजार और नीचे जा सकता है।
डॉ. विजयकुमार के अनुसार, इंडियन मार्केट में फिलहाल सबसे बड़ी हलचल IT सेक्टर में बिकवाली के कारण है। IT स्टॉक्स इंडिया इंक के दूसरे सबसे बड़े प्रॉफिट पूल का हिस्सा हैं। IT सेक्टर पर एंथ्रोपिक शॉक का असली असर अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। इस समय पैनिक सेलिंग करना शायद निवेशकों के लिए सही विकल्प नहीं होगा, और वे बेहतर यही कर सकते हैं कि बाजार के शांत होने का इंतजार करें।