KNEWS DESK- ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भारत के शिया समुदाय में गहरा सदमा है। लखनऊ के प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने इस घटना को “आतंकवादी हमला” बताते हुए अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाई को कायरतापूर्ण करार दिया।
मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि उनके मजहब में शहादत को सबसे बड़ा मर्तबा प्राप्त है और हर कोई शहादत की दुआ करता है। उन्होंने खामेनेई को वीरतापूर्ण शहीद बताया और कहा कि उनके साथ कई उलेमा भी शहीद हुए। मौलाना ने जोर देकर कहा कि खामेनेई हमेशा मजलूमों का साथ देते रहे और उनका खून व्यर्थ नहीं जाएगा, क्योंकि यही खून नए इंकलाब की शुरुआत करता है।
मौलाना ने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ने खामेनेई को शहीद नहीं किया, बल्कि उन्होंने खुद अपने डेथ वारंट पर दस्तखत कर दिए। उन्होंने दोनों नेताओं के भविष्य की मौत को नसीब की तरह बताया।
मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने घोषणा की कि खामेनेई की शहादत पर तीन दिन शोक मनाया जाएगा। उन्होंने शिया समुदाय से अपील की कि वे इन दिनों अपने कारोबार और दुकानें बंद रखें और अल्लाह से खामेनेई की शहादत के लिए दुआ करें। उन्होंने जोर दिया कि किसी को जबरदस्ती शोक मनाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
लखनऊ के सभी इमामबाड़ा में मौलाना सैयद कल्बे जवाद आज रात खामेनेई की शहादत का शोक मनाएंगे। रात 8 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने पूरे भारत के मुसलमानों से अपील की कि खामेनेई की शहादत पर शोक सभा और कैंडल मार्च आयोजित करें। अगर कैंडल मार्च नहीं हो पाए, तो कम से कम शोक सभा तो जरूर आयोजित की जाए।
मौलाना ने आगे कहा कि खामेनेई का जाना केवल शिया समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए नुकसान है। उनका मिशन अब शिया समुदाय द्वारा आगे बढ़ाया जाएगा।