डिजिटल डेस्क- मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में ईरान की राजधानी तेहरान समेत छह शहरों में करीब 30 ठिकानों पर धमाकों की खबर है। जवाब में ईरान ने इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है और संभावित पलटवार के संकेत दिए हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने इजरायल में रह रहे अपने नागरिकों के लिए तत्काल सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास, तेल अवीव ने सभी भारतीयों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने स्पष्ट कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में सुरक्षा नियमों का पालन ही सबसे बड़ा बचाव है। एडवाइजरी में इजरायली अधिकारियों और इज़राइल होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का सख्ती से अनुपालन करने को कहा गया है। चेतावनी दी गई है कि नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है।
शेल्टर के पास रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें
दूतावास ने भारतीय नागरिकों विशेषकर छात्रों और कामकाजी पेशेवरों को सलाह दी है कि वे अपने घर या कार्यालय के निकट स्थित सुरक्षा शेल्टर (आश्रय स्थल) की पहचान कर लें और उसके पास ही रहें। सायरन बजते ही तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचना जरूरी बताया गया है। एडवाइजरी में कहा गया है कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, देश के भीतर यात्रा से बचें। सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ से दूरी बनाए रखें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी ताजा निर्देशों पर नजर रखें। हजारों भारतीय छात्र और कर्मचारी इजरायल के विभिन्न शहरों में रहते हैं, जिनकी सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हालात पर करीबी नजर, अधिकारियों से संपर्क
दूतावास ने बताया कि वह इजरायली प्रशासन के लगातार संपर्क में है और जमीनी हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में सामुदायिक समन्वय के लिए भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी संवाद कायम है। ताजा और प्रमाणिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://oref.org.il/eng नियमित रूप से देखने की सलाह दी गई है। साथ ही स्थानीय समाचार चैनलों और मोबाइल अलर्ट सिस्टम को सक्रिय रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात चेतावनी की जानकारी तुरंत मिल सके।
24 घंटे हेल्पलाइन जारी
भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन शुरू की गई है। किसी भी आपात स्थिति, चिकित्सा जरूरत या सुरक्षा संबंधी समस्या में निम्न संपर्कों पर सहायता ली जा सकती है:
फोन: +972-54-7520711
ईमेल: [email protected]
दूतावास ने दोहराया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही की कोई गुंजाइश भी नहीं है। बदलते हालात में सतर्कता, आधिकारिक निर्देशों का पालन और सामुदायिक सहयोग ही सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी तरीका है।