डिजिटल डेस्क- देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का सोमवार से भव्य आगाज हो रहा है। ग्लोबल साउथ में पहली बार आयोजित हो रहे इस महत्वपूर्ण समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह पांच दिवसीय कार्यक्रम 16 फरवरी से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। समिट में एआई की सुरक्षा, गवर्नेंस, नैतिक उपयोग, डेटा सुरक्षा और ‘सॉवेरन एआई’ के विकास जैसे अहम मुद्दों पर गहन मंथन होगा। सरकार और तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि आने वाले समय की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना को प्रभावित करने वाला बड़ा परिवर्तन है। ऐसे में इसका जिम्मेदार और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
‘युवा एआई’ बना समिट का खास आकर्षण
इस समिट का प्रमुख आकर्षण ‘युवा एआई’ ग्लोबल यूथ चैलेंज है। इसका उद्देश्य छात्रों और युवा पेशेवरों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर जागरूकता बढ़ाना और उन्हें इनोवेशन के लिए प्रेरित करना है। इस चैलेंज को जबरदस्त अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया मिली है। 38 से अधिक देशों से 2,500 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। इन आवेदनों में से शीर्ष 20 फाइनलिस्ट का चयन इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा किया गया है। खास बात यह है कि इन 20 में से 15 टीमें भारत की हैं। चयन प्रक्रिया 2025 के अंत में कई राउंड्स की कठोर प्रतिस्पर्धा के बाद पूरी की गई थी।
इन क्षेत्रों में दिखेगा एआई का दम
चुनी गई टीमें सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु अनुकूलन, स्मार्ट मोबिलिटी, डिजिटल ट्रस्ट और पहुंच को आसान बनाने जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान पेश कर रही हैं। इन प्रोजेक्ट्स में मलेरिया की पहचान करने वाले सिस्टम, एआई आधारित वॉइस असिस्टेंट पहनने योग्य उपकरण, सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग टूल, ग्रामीण टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म और कृषि इंटेलिजेंस सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा पशुधन विश्लेषण समाधान, वन अग्नि और बाढ़ की प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, डीपफेक पहचानने वाले टूल और दृष्टिबाधित लोगों के लिए सहायक तकनीक भी प्रदर्शित की जाएंगी। इन नवाचारों का उद्देश्य केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि सामाजिक समस्याओं का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करना है।
विजेताओं को मिलेगा आकर्षक पुरस्कार
इस प्रतियोगिता में शीर्ष तीन फाइनलिस्ट को 15-15 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। अगले तीन सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को 10-10 लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा 5-5 लाख रुपये के दो विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस तरह के मंच युवाओं को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ भारत को एआई क्षेत्र में अग्रणी बनाने में मदद करेंगे। ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ न केवल तकनीकी विशेषज्ञों का संगम है, बल्कि यह भारत की डिजिटल क्षमता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक मजबूत कदम भी माना जा रहा है।