KNEWS DESK- कॉमेडियन कुणाल कामरा महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिर गए हैं। उनके इस बयान ने राज्य में सियासी हलचल मचा दी है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कामरा के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें शिंदे से माफी मांगने की सलाह दी है। इस विवाद के बीच कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का बचाव किया।
कुणाल कामरा ने अपने पोस्ट में कहा कि उन्हें सबक सिखाने की धमकी देने वाले नेताओं को यह समझना चाहिए कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार केवल ताकतवर और अमीर लोगों की चापलूसी करने के लिए नहीं होता। उन्होंने इस अधिकार का इस्तेमाल सत्ताधारी नेताओं और राजनीतिक व्यवस्था की आलोचना करने में किया और कहा कि यह कानून के खिलाफ नहीं है।
कामरा ने इस पोस्ट में आगे लिखा, “मुझे धमकियां देने वाले ध्यान रखें कि मेरी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कमजोर करने से आपके अहंकार को संतुष्टि नहीं मिलेगी। मैं जो कह रहा हूं वह बिल्कुल वैसा ही है जैसा अजित पवार ने एकनाथ शिंदे के बारे में कहा था। मैं माफी नहीं मांगूंगा।”
कुणाल कामरा के बयान के बाद राजनीति में एक नया मोर्चा खुल गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कामरा के इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि कुणाल को शिंदे का अपमान करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। फडणवीस ने यह भी कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना राज्य की शांति और सौहार्द्र को नुकसान पहुंचा सकता है।
वहीं, कुणाल कामरा ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि कुछ लोग उनका फोन नंबर लीक कर रहे हैं और उन्हें लगातार कॉल कर रहे हैं। इस पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि वे अब तक यह समझ चुके होंगे कि सभी अनजान कॉल्स सीधे उनके वॉयसमेल पर जाती हैं, जहां कॉल करने वालों को वह गाना सुनने को मिलेगा, जिससे वे नफरत करते हैं।
इस विवाद पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी दलों ने जहां कामरा के समर्थन में खड़े होकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की अहमियत को उजागर किया, वहीं सत्ताधारी बीजेपी और शिवसेना के नेताओं ने इसे अनुशासनहीनता और अशोभनीय बताया है।
कुणाल कामरा का यह बयान उनके लिए एक और राजनीतिक विवाद बनकर उभरा है, जो उनके मंच पर अक्सर तीखे और कटाक्षपूर्ण मजाक करने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, कामरा ने माफी मांगने से इनकार किया है और अपने अधिकारों की रक्षा की है। अब यह देखना होगा कि यह विवाद राज्य की राजनीति पर कितना असर डालता है और क्या इस पर कोई कानूनी या राजनीतिक कदम उठाए जाते हैं। इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है, जिसमें सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच शब्दों की जंग तेज हो गई है।
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