‘मैं जिंदा हूं…’, मौत की खबरों के बीच सामने आए PM नेतन्याहू, कही बड़ी बात

KNEWS DESK- इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए कई अहम खुलासे किए। एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने जारी सैन्य कार्रवाई, अपने मिशन और अमेरिका के साथ तालमेल को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने अपनी मौत को लेकर चल रही अफवाहों पर भी विराम लगा दिया।

करीब 20 दिनों से जारी अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों के बाद नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अब ईरान यूरेनियम संवर्धन या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की स्थिति में नहीं है।

पहली बार अंग्रेजी में संबोधन देते हुए नेतन्याहू ने इजरायल के नागरिकों के साहस और धैर्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में लोगों को सुरक्षा कक्षों और आश्रय स्थलों में लंबे समय तक रहना पड़ रहा है, जिसकी कठिनाइयों को वे भली-भांति समझते हैं।

अपनी मौत की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, “मैं जिंदा हूं और आप सब गवाह हैं।” उन्होंने अमेरिका के साथ मजबूत साझेदारी का जिक्र करते हुए Donald Trump के नेतृत्व की तारीफ की और कहा कि दोनों देश मिलकर मजबूती से काम कर रहे हैं।

नेतन्याहू ने “ऑपरेशन राइजिंग लायन” का उल्लेख करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य ईरान के मौजूदा शासन से पैदा हो रहे खतरों को खत्म करना है। उन्होंने ईरान के नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह शासन दशकों से अमेरिका, इजरायल और अपने ही लोगों के खिलाफ संघर्ष कर रहा है।

अपने संबोधन में उन्होंने तीन मुख्य लक्ष्यों को स्पष्ट किया—पहला, परमाणु खतरे को समाप्त करना; दूसरा, बैलिस्टिक मिसाइल खतरे को खत्म करना; और तीसरा, ईरान के लोगों के लिए ऐसे हालात बनाना, जिससे वे अपनी आजादी और भविष्य पर खुद नियंत्रण कर सकें।

नेतन्याहू ने यह भी स्वीकार किया कि युद्ध का असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ा है। स्कूलों की बंदी, कारोबार में गिरावट और बुजुर्गों व सैनिकों की परेशानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार स्थिति को सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे स्कूलों को फिर से खोलने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में काम जारी है।

इस बयान के साथ ही इजरायल ने साफ संकेत दिया है कि वह अपने रणनीतिक लक्ष्यों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है, और आने वाले दिनों में क्षेत्रीय हालात और भी निर्णायक मोड़ ले सकते हैं।

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