डिजिटल डेस्क- पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में 26 वर्षीय कमल की दर्दनाक मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए सब-कांट्रेक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने न सिर्फ कानून बल्कि इंसानियत को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि हादसे के बाद राजेश को कमल के गड्ढे में गिरने की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद उसने न मदद की, न पुलिस को सूचना दी बल्कि कमल को मरता छोड़ घर जाकर सो गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, जिस रात कमल बाइक समेत सड़क पर बने गहरे गड्ढे में गिरा, उसी वक्त वहां से गुजर रहे एक परिवार ने यह हादसा अपनी आंखों से देखा था। परिवार ने तुरंत पास मौजूद सुरक्षा गार्ड और बगल में लगे टेंट में रहने वाले एक व्यक्ति को इसकी सूचना दी। हैरानी की बात यह है कि टेंट में रहने वाला व्यक्ति राजेश प्रजापति का ही कर्मचारी निकला। कर्मचारी ने बिना देर किए अपने मालिक को फोन कर हादसे की जानकारी दी।
मौके पर भी पहुंचकर नहीं की मदद, घर जाकर सो गया
पुलिस जांच में सामने आया है कि सूचना मिलने के बाद राजेश प्रजापति रात में ही मौके पर पहुंचा। उसने गड्ढे में पड़ी बाइक भी देखी और घायल कमल को भी वहां तड़पते हुए देखा। लेकिन इसके बावजूद उसने न तो पुलिस को कॉल किया, न एंबुलेंस बुलाई और न ही कमल को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। वह चुपचाप वहां से लौट गया। पुलिस का कहना है कि अगर उसी वक्त राजेश थोड़ी भी मानवता दिखाता, तो कमल की जान बचाई जा सकती थी।
कई बार उसी गड्डे के पास से गुजरे पिता
इस बीच, हादसे की रात कमल के पिता नरेश ध्यानी और उनका परिवार पूरी रात बेटे को ढूंढता रहा। पिता कई बार उसी गड्ढे के पास से गुजरे, जहां कमल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। लेकिन सड़क पर कोई सुरक्षा घेरा, बैरिकेड या चेतावनी बोर्ड न होने के कारण उन्हें अंदाजा तक नहीं हुआ कि उनका बेटा कुछ ही कदम की दूरी पर मौत से लड़ रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे एक महिला की सूचना पर पुलिस ने गड्ढे से कमल का शव बरामद किया।
कल तीन अधिकारियों को किया गया था निलंबित
इस मामले ने प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदारों की गैर-जिम्मेदारी को उजागर कर दिया है। दिल्ली सरकार ने पहले ही सख्त कदम उठाते हुए PWD मंत्री के निरीक्षण के बाद जूनियर इंजीनियर समेत तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। अब पुलिस आरोपी राजेश प्रजापति से गहन पूछताछ कर रही है। सूत्रों का कहना है कि जांच के दायरे में जल बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों के कुछ और अधिकारी और कर्मचारी भी आ सकते हैं।