मिडिल ईस्ट संकट पर हाई अलर्ट: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में अंतर-मंत्रालयी ग्रुप गठित

डिजिटल डेस्क- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने हालात पर कड़ी नजर रखने और देश में जरूरी आपूर्ति बनाए रखने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। केंद्र ने एक उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, यह समूह विशेष रूप से पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई, कीमतों और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर लगातार नजर रखेगा। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ा है।

पेट्रोल और डीजल पर घटी एक्साइज ड्यूटी

इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। नए फैसले के तहत पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है। हालांकि, डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स तय किया गया है, ताकि घरेलू उपलब्धता प्रभावित न हो। एविएशन सेक्टर को भी ध्यान में रखते हुए सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्साइज ड्यूटी में बदलाव किया है। इस पर 50 रुपये प्रति लीटर की नई ड्यूटी तय की गई है, लेकिन विभिन्न छूटों के चलते वास्तविक प्रभावी ड्यूटी 29.5 रुपये प्रति लीटर ही रहेगी, जिससे एयरलाइंस कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

एलपीजी कॉमर्शियल कोटे में किया गया इजाफा

उधर, औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने गैर-घरेलू एलपीजी (कामर्शियल LPG) के कोटे में भी बड़ा इजाफा किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, राज्यों के लिए कमर्शियल LPG का आवंटन अब 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हालात की समीक्षा के लिए शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक बुलाई है। इस बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे, जहां चुनाव होने वाले हैं। बैठक का उद्देश्य मिडिल ईस्ट संकट के असर को लेकर राज्यों की तैयारियों और रणनीतियों का आकलन करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *