KNEWS DESK – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद आयोजित ‘सबका साथ, सबका विकास’ वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि ‘Fulfilling Aspirations of People’ यानी जन आकांक्षाओं की पूर्ति इस बजट का मूल उद्देश्य है।
यह वेबिनार बजट के बाद आयोजित की जा रही श्रृंखला का 14वां कार्यक्रम था, जिसमें सरकार की विभिन्न घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
शिक्षा, स्किल और स्वास्थ्य पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आकांक्षाओं को पूरा करने में शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति जैसे क्षेत्र अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत का हेल्थ सेक्टर तेजी से मजबूत हुआ है और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांवों तक बढ़ी है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना और आरोग्य मंदिरों की मदद से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से अधिक सुलभ हुई हैं।
‘केयर इकॉनमी’ पर भी दिया जोर
पीएम मोदी ने कहा कि देश में सीनियर सिटिजन की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसके साथ ही केयरगिवर्स की मांग भी बढ़ेगी। उन्होंने इस क्षेत्र को ‘केयर इकॉनमी’ बताते हुए कहा कि भविष्य में यह रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
उन्होंने सुझाव दिया कि देश में नए ट्रेनिंग मॉडल विकसित किए जाएं ताकि इस क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।
हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में देश के कई जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं, जिससे स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिली है। साथ ही भारत का योग और आयुर्वेद आज पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो रहा है, जो भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली की ताकत को दर्शाता है।
शिक्षा को वास्तविक अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के एजुकेशन सिस्टम को रियल वर्ल्ड इकोनॉमी से जोड़ने की प्रक्रिया को और तेज करना होगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में AI, ऑटोमेशन, डिजिटल इकोनॉमी और डिजाइन ड्रिवन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर अधिक फोकस किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया जैसी पहलों ने देश के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को नई ऊर्जा दी है। देशभर में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है ताकि युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें और भारत वैश्विक खेल मंच पर अपनी पहचान और मजबूत कर सके।