K News Desktop- भारत के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर एचडीएफसी के लिए शुक्रवार का दिन भी भारी रहा। चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद बैंक के शेयर में लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही। गुरुवार को शेयर करीब 5% टूट गया था, वहीं शुक्रवार को भी बिकवाली थमी नहीं और शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 2% और गिरकर 781 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। इस तरह दो ट्रेडिंग सेशंस में शेयर कुल 7.5% गिर चुका है। निवेशकों को बड़ा झटका गुरुवार की भारी गिरावट से निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। कुछ ही घंटों में बैंक का मार्केट कैप करीब 1 लाख करोड़ रुपये तक घट गया। यह गिरावट चेयरमैन के इस्तीफे के बाद बाजार में बनी अनिश्चितता को दिखाती है। इस्तीफे की वजह क्या? अतानु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में कहा कि पिछले दो सालों में बैंक के कुछ घटनाक्रम और काम करने का तरीका उनके निजी मूल्यों से मेल नहीं खाता था। बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक शशिधर जगदीशन ने बताया कि बोर्ड ने उन्हें मनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्होंने इस्तीफा वापस नहीं लिया। नया अंतरिम चेयरमैन नियुक्त स्थिति संभालने के लिए बैंक ने तेजी दिखाते हुए केकी मिस्त्री को RBI की मंजूरी के साथ अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त कर दिया। एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं? बाजार में घबराहट के बावजूद एक्सपर्ट इसे बड़ी समस्या नहीं मान रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट देवेन चोकसी के मुताबिक, गिरावट के बाद स्टॉक “डीप वैल्यू” ज़ोन में पहुंच गया है। वहीं, आशिका कैपिटल के ईशान टन्ना का कहना है कि यह गिरावट बुनियादी कमजोरी नहीं, बल्कि तकनीकी वजहों से है और इसे खरीदारी के मौके के रूप में देखा जा सकता है। क्या निवेश का मौका? एनालिस्ट्स का मानना है कि बैंक की मजबूत फंडामेंटल्स और लंबा ट्रैक रिकॉर्ड निवेशकों के भरोसे को बनाए रखता है। ऐसे में यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अवसर बन सकती है।