KNEWS DESK- जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार देर रात हुए हमले की कोशिश के बाद उनका पहला बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि वह हमलावर को नहीं जानते और उन्हें इस बात का भी अंदाजा नहीं है कि हमला किस मकसद से किया गया।
मीडिया से बातचीत में अब्दुल्ला ने बताया कि जब वह एक शादी समारोह से बाहर निकल रहे थे, तभी उन्हें अचानक तेज आवाज सुनाई दी। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह पटाखे की आवाज है, क्योंकि शादी-ब्याह में अक्सर पटाखे चलाए जाते हैं। हालांकि, कुछ ही क्षण बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत कार में बैठा दिया और बताया कि वह गोली चलने की आवाज थी।
उन्होंने कहा, “मैं उस व्यक्ति को नहीं जानता जिसने हमला करने की कोशिश की। मुझे यह भी नहीं पता कि उसका क्या मकसद था या कोई पुरानी रंजिश थी।”
अब्दुल्ला ने इस घटना के बाद कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शादी समारोह में कई बड़े लोग मौजूद थे, लेकिन वहां पर्याप्त पुलिस व्यवस्था नहीं थी। उनके अनुसार, ऐसे आयोजनों में सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाना चाहिए था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना के बाद उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी फोन आया था। शाह ने उनका हालचाल पूछा और आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि देश में नफरत का माहौल बढ़ता जा रहा है और समाज में विभाजन गहराता दिख रहा है। उनके मुताबिक हर धर्म प्यार और भाईचारे का संदेश देता है, लेकिन मौजूदा दौर में दोस्ती और मोहब्बत की बातें करने वालों के लिए जगह कम होती जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में आतंकवाद की समस्या अभी भी गंभीर है और इसे पूरी तरह नियंत्रित करना आसान नहीं है।
अब्दुल्ला ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है और सभी को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चुनी हुई सरकार के पास पर्याप्त अधिकार होने चाहिए, तभी व्यवस्था सही तरीके से चल सकती है।
उन्होंने केंद्र सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया था और इस दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।