KNEWS DESK- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को लेकर लोगों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। रनवे से लेकर टर्मिनल बिल्डिंग तक, एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम से लेकर यात्री सुविधाओं तक—लगभग हर जरूरी ढांचा बनकर तैयार है। इसके बावजूद अब तक उद्घाटन की आधिकारिक तारीख सामने नहीं आ सकी है। ऐसे में आम जनता, निवेशक और कारोबारी एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि जब सब कुछ तैयार है, तो देरी क्यों?
अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट का भौतिक निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। रनवे, टैक्सी-वे, टर्मिनल, कार्गो एरिया, पार्किंग, फायर स्टेशन और तकनीकी ढांचा पूरी तरह तैयार है। एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है ताकि यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
हालांकि किसी भी एयरपोर्ट को शुरू करने के लिए सिर्फ इमारतों का बन जाना पर्याप्त नहीं होता। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) से सुरक्षा और संचालन से जुड़ी मंजूरी अनिवार्य होती है। रनवे सेफ्टी, फायर सेफ्टी, एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और सुरक्षा ऑडिट जैसी प्रक्रियाओं के बाद ही संचालन का लाइसेंस जारी किया जाता है।
प्रशासन का साफ कहना है कि सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं की जा सकती। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही होगी, ऐसे में हर सिस्टम का सौ फीसदी दुरुस्त होना जरूरी है। यही कारण है कि अंतिम जांच और औपचारिकताओं में समय लग रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के आधार पर तैयार किया गया है। यहां सीसीटीवी निगरानी, स्मार्ट सर्विलांस, बायोमेट्रिक एक्सेस, अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीनें, फायर अलार्म और इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम लगाए गए हैं। कई स्तरों पर मॉक ड्रिल और ट्रायल भी किए जा चुके हैं। अगर किसी एक मानक में भी कमी पाई जाती है, तो उसे दूर किए बिना एयरपोर्ट को चालू नहीं किया जाएगा।
एयरपोर्ट के शुरू होते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। इससे प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउस, टैक्सी सेवा, रिटेल और सर्विस सेक्टर में तेजी आएगी।
अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। मल्टीनेशनल कंपनियां, कार्गो हब और एविएशन सेक्टर से जुड़े उद्योग यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं को नौकरी के साथ-साथ कारोबार के नए अवसर मिलेंगे।