KNEWS DESK- हिंदू नववर्ष और प्रतिपदा के शुभ अवसर पर आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। इस पावन दिन पर द्रौपदी मुर्मू मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना करेंगी। इस भव्य आयोजन में लगभग सात हजार विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे, जिससे अयोध्या में उत्सव और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। यह अवसर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक माना जा रहा है।
राष्ट्रपति का आगमन सुबह लगभग 11 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर होगा, जहां से वह सड़क मार्ग के जरिए आद्य शंकराचार्य द्वार से मंदिर परिसर पहुंचेंगी। लगभग चार घंटे के प्रवास के दौरान वह पहले रामलला के दरबार में दर्शन कर आशीर्वाद लेंगी और फिर मंदिर के दूसरे तल पर जाकर श्रीराम यंत्र की स्थापना और पूजन में भाग लेंगी। इस विशेष कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ, आनंदीबेन पटेल, गोविंद देव गिरि और जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी।
श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद राष्ट्रपति प्रथम तल पर विराजमान राम परिवार की पूजा-अर्चना और आरती करेंगी। इसके पश्चात वह सप्तमंडपम में स्थित महर्षि वाल्मीकि, माता शबरी और निषादराज के मंदिरों में भी दर्शन करेंगी, जिसे सामाजिक समरसता और समावेशिता का महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। इसके बाद आयोजित समारोह में चंपत राय संचालन करेंगे, जबकि स्वागत भाषण गोविंद देव गिरि द्वारा दिया जाएगा। कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ, माता अमृतानंदमयी और दत्तात्रेय होसबोले भी अपने विचार रखेंगे, और अंत में राष्ट्रपति का संबोधन होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति दोपहर तीन बजे तक मंदिर परिसर में रहेंगी और इसके बाद दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।